
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस और शारीरिक बनावट को लेकर अक्सर सोशल मीडिया और खेल जगत में सवाल उठते रहे हैं। कई आलोचक उन्हें 'आलसी' तक करार दे देते हैं। हालांकि, हाल ही में वजन घटाकर अपनी फिटनेस को नए स्तर पर ले जाने वाले रोहित को लेकर टीम इंडिया के पूर्व स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई ने एक चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है।
सोहम देसाई ने स्पष्ट किया है कि रोहित पिछले करीब 7-8 सालों से एक गंभीर शारीरिक समस्या से जूझ रहे हैं और अपने खेल को जारी रखने के लिए पर्दे के पीछे असाधारण मेहनत करते हैं। उनके इस बयान ने रोहित की कार्यशैली और फिटनेस पर उंगली उठाने वालों को करारा जवाब दिया है।
प्रशांत देसाई के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सोहम ने बताया कि लोग बिना असलियत जाने रोहित को मोटा या ट्रेनिंग से दूर भागने वाला कह देते हैं। सच्चाई यह है कि साल 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी के आसपास रोहित को कूल्हे में बेहद गंभीर चोट आई थी, जो उनके पूरे क्रिकेट करियर को समाप्त कर सकती थी। इसके बाद उन्हें हिप और हैमस्ट्रिंग की सर्जरी करानी पड़ी थी। इस सर्जरी के चलते हिप का हिस्सा उनका सबसे कमजोर अंग बन गया।
पूर्व कोच के मुताबिक, रोहित को मैदान पर टिके रहने के लिए हर हफ्ते कम से कम दो स्ट्रेंथ सेशन या विशेष मैदानी अभ्यास करना अनिवार्य होता है। अगर वे यह रुटीन छोड़ दें, तो उनका शरीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव नहीं झेल पाएगा। सोहम ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर रोहित सच में लापरवाह या आलसी होते, तो कब के खेल से बाहर हो चुके होते।'
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उन्होंने आगे कहा, 'कप्तानी करना, आईपीएल में खेलना या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ढेरों रन बनाना तो बहुत दूर की बात है। वे पिछले सात-आठ सालों से बिना किसी नागा के यह कड़ी मेहनत कर रहे हैं, ताकि मैदान पर अपनी लय बरकरार रख सकें। यह कोई छिपा हुआ रहस्य नहीं, बल्कि उनकी निरंतर प्रोफेशनल कमिटमेंट का प्रमाण है।'