
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। छुट्टी का दिन हो और क्रिकेट मैच हो तो इससे बेहतर क्या हो सकता है। इंदौर ने रविवार को क्रिकेट का उत्सव मनाने की ठानी थी। भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड और उसके बाद जानलेवा चाइनीज मांझे से उपजे नकारात्मक माहौल से उबरने के लिए इंदौर को जिस ‘संजीवनी’ की जरूरत थी वह भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे मैच में नजर आ रही थी। मगर अफसोस कि भारतीय क्रिकेटरों के फीके प्रदर्शन से उत्सव मन न सका। भारतीय टीम को पहली बार होलकर स्टेडियम में किसी वनडे मैच में हार का सामना करना पड़ा।
रात को भारतीय टीम के मैच हारने से पहले पूरा दिन इंदौर के लिए उत्सव ही रहा। राहत की बात यह भी रही कि विराट कोहली ने इंदौर में शतकीय पारी खेली। रविवार सुबह से शहर के सभी रास्ते मानों होलकर स्टेडियम की ओर जाते नजर आ रहे थे। हजारों की भीड़ स्टेडियम के भीतर थी तो इससे कहीं ज्यादा बाहर थे। प्रशंसकों में बच्चे भी थे तो युवा भी, पुरुष जितने उत्साह से आए थे तो महिलाएं भी पीछे न थीं। प्रशंसकों ने अच्छे खेल की दाद दी, फिर चाहे शाट न्यूजीलैंड के बल्ले से ही क्यों न निकला हो।

जब भारतीय बल्लेबाज आउट हो रहे थे तो टीम का हौसला बढ़ाने के लिए स्टेडियम में बैठा हर प्रशंसक चिल्ला रहा था। शोर मैदान से कई किमी दूर तक सुनाई दे रहा था। एकबारगी लगा कि मैच हम जीत ही जाएंगे, लेकिन अंत में न्यूजीलैंड बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत गई। न्यूजीलैंड की टीम ने आठ विकेट पर 337 रन बनाए। डेरिल मिचेल (137 रन) और ग्लेन फिलिप (106 रन) ने शतकीय पारियां खेलीं। जवाब में भारतीय टीम 46 ओवर में 296 रनों पर सिमट गई। इसमें विराट कोहली के 124 रन शामिल थे।
होलकर स्टेडियम के चारों ओर हजारों की संख्या में भीड़ इकट्ठा थी। अधिकांश ने भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनी थी। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़कों पर चलने के लिए जगह नहीं थी। इसके बावजूद प्रशंसकों ने अनुशासन दिखाया और कहीं कोई भगदड़ या अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।