
स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टेस्ट क्रिकेट के गिरते प्रदर्शन और लगातार मिल रही शर्मनाक हार ने टीम प्रबंधन की नींद उड़ा दी है। गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद, टीम इंडिया को पहले घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड ने 3-0 से और फिर 2025 के अंत में दक्षिण अफ्रीका ने 2-0 से टेस्ट सीरीज में 'क्लीन स्वीप' किया। इस संकट से उबरने के लिए अब भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला है और बीसीसीआई (BCCI) के सामने एक बड़ा 'गेम-चेंजर' प्रस्ताव रखा है।
कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि भारतीय टीम की हालिया विफलता का सबसे बड़ा कारण फॉर्मेट के बीच सामंजस्य की कमी है। उन्होंने सुझाव दिया है कि अब से हर टेस्ट सीरीज से पहले 15 दिनों का विशेष रेड बॉल ट्रेनिंग कैंप अनिवार्य होना चाहिए।
गिल के अनुसार, खिलाड़ी अक्सर आईपीएल या छोटे फॉर्मेट की क्रिकेट खेलकर सीधे टेस्ट मैच में उतर रहे हैं, जिससे उन्हें लाल गेंद की स्विंग और लंबे प्रारूप की मानसिक एकाग्रता में ढलने का मौका नहीं मिल रहा।
भारतीय टीम को हाल के वर्षों में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में शुरुआती टेस्ट मैचों में बुरी तरह संघर्ष करना पड़ा है। गिल का तर्क है कि:
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भारतीय क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए हर बार 15 दिन का समय निकालना चुनौतीपूर्ण होगा। बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए बेंगलुरु स्थित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' और वहां के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण की मदद ली जा सकती है। लक्ष्मण के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट की बारीकियों के लिए तैयार किया जा सकता है।
ऐसे मौके आ सकते हैं, जब गंभीर व्हाइट-बॉल टीमों के साथ व्यस्त होंगे, जबकि टेस्ट सीरीज आने वाली होगी। बोर्ड रेड-बॉल कैंप आयोजित कराएगा, जिसके लिए सीओई के क्रिकेट हेड वीवीएस लक्ष्मण की सेवाओं का इस्तेमाल कर सकता है।- बीसीसीआई सूत्र