
मनोज भटोरे, नईदुनिया, खरगोन : बचपन में गांव के मेलों में बंदूक से गुब्बारे फोड़ने का जुनून एक दिन विश्व पटल पर भारत का परचम लहराएगा, यह शायद किसी ने नहीं सोचा था। जिले की झिरन्या तहसील के ग्राम रतनपुर में 3 फरवरी 2001 को एक साधारण किसान परिवार में जन्मे ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर के इसी शौक को पहचानकर स्वजनों ने उन्हें मप्र शूटिंग अकादमी भेजा था।
उसी लगन व कड़ी मेहनत के दम पर ऐश्वर्य ने शुक्रवार को जापान के नागोया में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स में भारत को रजत पदक दिलाया। नागोया स्थित आइची प्रेफरेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशंस टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार व रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय तिकड़ी ने सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया।
भारतीय टीम ने नीलिंग में 587, प्रोन में 593 व स्टैंडिंग सीरीज में 582 अंक बनाते हुए देश की झोली में रजत पदक डाला। इस मुकाबले में चीन ने स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने कांस्य पदक हासिल किया।
टीम स्पर्धा में रजत जीतने के साथ ऐश्वर्य ने व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में बेहतरीन स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल में प्रवेश किया था। हालांकि कड़े व्यक्तिगत फाइनल मुकाबले में वे पदक से मामूली अंतर से चूक गए और पांचवें स्थान पर रहे। ऐश्वर्य ने टीम सिल्वर मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए भविष्य में व्यक्तिगत स्पर्धाओं के लिए और अधिक मेहनत करने का संकल्प व्यक्त किया।
ऐश्वर्य ने बताया कि आगामी नवंबर माह में दोहा में विश्व चैंपियनशिप का आयोजन होना है। इसकी तैयारी के साथ ओलिंपिक में कोटा हासिल करना लक्ष्य है। कोच वैभव शर्मा ने उम्मीद जताई कि ऐश्वर्य का प्रदर्शन बेहतर चल रहा है। वे इस बार भी ओलिंपिक कोटा हासिल करने के साथ विश्व चैंपियनशिप व ओलिंपिक में भारत को पदक दिलाएंगे।
मप्र शूटिंग अकादमी से शुरुआत करने वाले ऐश्वर्य टोक्यो ओलंपिक 2020 व पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इससे पूर्व हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में उन्होंने दो स्वर्ण, एक रजत व एक कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार व मप्र सरकार के विक्रम पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
ऐश्वर्य की इस बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के बाद उनके पैतृक गांव रतनपुर व परिवार में खुशी का माहौल है। बेटे की सफलता पर पिता वीरबहादुर सिंह तोमर व चाचा नीतिराज सिंह तोमर ने खुशी जताते हुए ऐश्वर्य के संघर्ष व मेहनत को याद किया। ग्रामीण उनके घर पहुंचे व एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाया।
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