
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। महाराष्ट्र की श्रावणी सूर्यवंशी, तमिलनाडु की एसएम शिवाश्मी, एसएससीबी के सुप्रदीप साहा ने 42वीं सब-जूनियर एवं 52वीं जूनियर राष्ट्रीय एक्वेटिक चैंपियनशिप के डाइविंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीते। देशभर से आए खिलाड़ियों के बीच वाटरपोलो स्पर्धा का रोमांच भी फाइनल तक पहुंचा।
मप्र तैराकी संघ के तत्वावधान में आईडीए के स्विमिंग पूल में आयोजित गोताखोरी स्पर्धा के बालिका ग्रुप-2 के एक मीटर स्प्रिंगबोर्ड मुकाबले में तमिलनाडु की एसएम शिवाश्मी ने 229.55 अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता।
महाराष्ट्र की मनस्वी राजशेखर माने 219.15 अंकों के साथ दूसरे जबकि तमिलनाडु की तनिश्श्री एसए 198.50 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। बालक वर्ग के ग्रुप-1 के प्लेटफार्म मुकाबले में एसएससीबी के सुप्रदीप साहा ने 407.95 अंकों के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। एसएससीबी के ही रिसव दास 389.60 अंकों के साथ दूसरे तथा असम के रूपम गोगोई 347.90 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
बालिका वर्ग के ग्रुप-1 के प्लेटफार्म स्पर्धा में महाराष्ट्र की श्रावणी सूर्यवंशी ने 284.90 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहीं। कर्नाटक की पूर्विका वेंकटेश 205.50 अंकों के साथ दूसरे तथा बंगाल की प्रगति दास 194.80 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। मध्यप्रदेश की अवनि यादव ने 179.15 अंक प्राप्त कर पांचवां स्थान हासिल किया। वाटरपोलो स्पर्धा में केरल दोनों वर्गों के फाइनल में राष्ट्रीय वाटरपोलो स्पर्धा में बालिका वर्ग का फाइनल केरल और कर्नाटक के बीच खेला जाएगा।
सेमीफाइनल में केरल ने महाराष्ट्र को एकतरफा अंदाज में 17-1 से पराजित किया। केरल की ओर से सफवा साकीर और वंदना एस. ने पांच-पांच गोल किए। महाराष्ट्र की ओर से रुशादा पाटिल ने एक गोल किया। दूसरे सेमीफाइनल में कर्नाटक ने बंगाल को 17-7 से करारी शिकस्त दी। कर्नाटक की रोशिनी एस. ने छह गोल दागे जबकि प्रचेता आर. राव ने चार तथा धृति ने तीन गोल किए।
बंगाल की ओर से अन्वेषा हलदर ने चार गोल किए। बालक वर्ग के फाइनल में बंगाल और केरल आमने-सामने होंगे। पहले सेमीफाइनल में बंगाल ने कर्नाटक को 21-4 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। बंगाल की ओर से प्रीतम देबनाथ ने चार गोल दागे। राजेश नस्कर, भास्कर सरदार और संजीब सरदार ने तीन-तीन गोल किए। साहिल शेख और अर्नब शा ने दो-दो गोल किए। दूसरे सेमीफाइनल में केरल ने महाराष्ट्र को 20-9 से पराजित किया।
देशभर के वाटरपोलो प्रशिक्षकों के ज्ञान एवं तकनीकी क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से कोच क्लिनिक का भी आयोजन किया जा रहा है। वर्ल्ड एक्वाटिक्स के निर्देशन में हंगरी के वाटरपोलो प्रशिक्षक डॉ. डेनेस केमेनी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
डॉ. डेनेस केमेनी विश्व के शीर्ष वाटरपोलो प्रशिक्षकों में गिने जाते हैं। वे वर्ष 2000, 2004 और 2008 ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता हंगरी की टीम के मुख्य प्रशिक्षक रहे हैं। इस विशेष कोच क्लिनिक में देश के विभिन्न राज्यों से 35 प्रशिक्षक हिस्सा ले रहे हैं।
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