सहस्रधारा के व्हाइट वाटर की धार से एशियाई खेलों के सेमीफाइनल तक पहुंचे महेश्वर के पांच खिलाड़ी
जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स में महेश्वर के प्राकृतिक अंतरराष्ट्रीय कैनो स्लालम ट्रैक पर प्रशिक्षण लेने वाले मध्यप्रदेश के पांचों...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:35:49 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:35:49 PM (IST)
एशियन गेम्स में शामिल भारतीय टीम में महेश्वर के खिलाड़ी। -सौजन्यHighLights
- अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक कैनो स्लालम ट्रैक पर तराशी प्रतिभा
- जापान में लहराया तिरंगा, पदक पर टिकी निगाहें
- एशियाई खेलों के अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि, महेश्वर (खरगोन) : नर्मदा की तेज व्हाइट वाटर की धार पर महेश्वर के सहस्रधारा क्षेत्र में तराशी गई खेल प्रतिभा अब एशियाई खेलों के अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही है।
जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स में महेश्वर के प्राकृतिक अंतरराष्ट्रीय कैनो स्लालम ट्रैक पर प्रशिक्षण लेने वाले मध्यप्रदेश के पांचों खिलाड़ियों ने कैनो स्लालम की अपनी-अपनी स्पर्धाओं में सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इससे महेश्वर के सहस्त्रधारा ट्रैक की उपयोगिता और यहां तैयार हो रही प्रतिभाओं को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है।
हीट चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाई
कैनो स्लालम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रद्युम्न सिंह राठौड़ (इंदौर), हितेश केवट (महेश्वर-खरगोन), रीना सेन (मोगवा/मंडलेश्वर-खरगोन), पल्लवी जगताप (मितवास) और शिखा चौहान (इंदौर) ने हीट चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाई।
सहस्रधारा बनी खेल की पाठशाला
महेश्वर के सहस्त्रधारा क्षेत्र की प्राकृतिक तेज जलधारा कैनो स्लालम खिलाड़ियों के लिए कठिन और चुनौतीपूर्ण अभ्यास स्थल है। यहां बहते पानी में नाव पर नियंत्रण, गेट्स को सही दिशा से पार करना, संतुलन, गति और टाइमिंग जैसी बारीकियां खिलाड़ी सीखते हैं। इसी प्राकृतिक ट्रैक पर नियमित अभ्यास करते हुए इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक का सफर तय किया है।
जापान में हुए हीट मुकाबलों में प्रद्युम्न सिंह राठौड़ ने पुरुष कयाक सिंगल (K-1) में 127.70 सेकंड के समय के साथ 10वां स्थान, जबकि पल्लवी जगताप ने महिला कैनो सिंगल (C-1) में 224.20 सेकंड के साथ सातवां स्थान, रीना सेन ने अपनी रेस 342.72 सेकंड में पूरी कर 9वां स्थान हासिल किया।
शिखा चौहान महिला कयाक सिंगल में 344.87 सेकंड के समय के साथ 11वें स्थान पर रहीं। हितेश केवट ने कैनो स्लैलम (मेन्स कयाक सिंगल) के हीट्स इवेंट में 118.22 सेकंड की टाइमिंग के साथ अपनी रेस पूरी कर 8वां स्थान हासिल किया और पांचो ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
अब 30 सितंबर को पुरुष K-1 और महिला C-1 के सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबले होंगे। इसके बाद कैनो-कयाक क्रॉस स्पर्धाओं का कार्यक्रम भी 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा।
सहस्रधारा की लहरों से निकली यह प्रतिभा अब जापान में तिरंगे के लिए चुनौती पेश कर रही है। महेश्वरवासियों की नजरें अब सेमीफाइनल के साथ पदक मुकाबलों पर टिकी हैं।