
Cyber Fraud टेक्नोलॉजी डेस्क, इंदौर। बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ ही साइबर फ्रॉड के मामले में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग फर्जी एसएमएस और लिंक भेजकर भी ठगी की वारदातों को अंजाम देने लगे हैं। इसके शिकार होकर लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
इसके साथ ही अब साइबर ठग लोगों को वीडियो कॉल के माध्यम से भी ठग रहे हैं। इसके जरिए या तो लोगों को ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठे जाते हैं, या पर्सनल जानकारी चुरा ली जाती है। इस तरह की ठगी से कैसे बचा जा सकता है, आपको यहां बताते हैं।

दरअसल, वीडियो कॉल स्कैम साइबर ठगी का एक नया तरीका है। पहले एआई की मदद से डीपफेक चेहरा क्रिएट किया जाता है, ये चेहरा जिस व्यक्ति को कॉल किया जा रहा उसके किसी रिश्तेदार का हो सकता है। इसके बाद वीडियो कॉल कर रिश्तेदार के किडनैप होने का डर दिखाकर ठगी की जाती है।
इसके अलावा न्यूड कंटेंट क्रिएट कर भी वीडियो कॉल किया जाता है और वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर बाद में उस व्यक्ति को ब्लैकमेल किया जाता है। इस तरह के कई मामले सामने आते रहे हैं।
यदि आपके पास अननोन नंबर से वीडियो कॉल आता है और आपको संबंधित नंबर संदिग्ध लगता है, तो वीडियो कॉल कभी ना उठाएं और इसे तुरंत ब्लॉक करें।
यदि आपके पास कोई वीडियो कॉल आया है और बार-बार आपसे आपकी पर्सनल जानकारी मांगी जा रही है, तो इसे कभी भी साझा न करें। इसका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
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वीडियो कॉल के दौरान आपको जरा भी शक होता है, तो तुरंत वीडियो कॉल कट करें और नंबर को रिपोर्ट और ब्लॉक करें। अगर बावजूद इसके आपको अलग-अलग नंबर से कॉल आते हैं, तो आप इसकी शिकायत थाने में भी दर्ज करवा सकते हैं।
वीडियो कॉल के दौरान आपको शक होता है कि वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है तो आप सामने वाले व्यक्ति की आंखों में देखें। आंखों के मूवमेंट से काफी हद तक डीपफेक की पहचान की जा सकती है।