
टेक्नोलॉजी डेस्क। जब भी घर का बिजली बिल उम्मीद से ज्यादा आता है, तो अक्सर हमारा ध्यान सीधे एयर कंडीशनर, गीजर या फ्रिज जैसे बड़े उपकरणों की ओर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार बिल बढ़ने की असली वजह वे छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और हमारी दैनिक आदतें होती हैं, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं?
दिनभर प्लग में लगा चार्जर, स्टैंडबाय मोड पर छूट गया टीवी और गंदे एसी फिल्टर जैसी मामूली दिखने वाली चीजें महीने के अंत में बड़ा आर्थिक बोझ बना देती हैं। आइए जानते हैं घर की उन 7 आदतों और उपकरणों के बारे में जो बिना शोर किए आपकी बिजली की खपत बढ़ा रहे हैं:
ज्यादातर लोग टीवी देखने के बाद रिमोट से तो उसे बंद कर देते हैं, लेकिन दीवार पर लगे मेन स्विच को चालू ही छोड़ देते हैं। इस स्थिति में टीवी और सेट-टॉप बॉक्स 'स्टैंडबाय मोड' में रहते हैं। भले ही आपको लगता हो कि स्क्रीन बंद है, लेकिन उपकरण लगातार बिजली खींचते रहते हैं, जिससे महीनेभर में गैर-जरूरी खर्च जुड़ता जाता है।
स्मार्टफोन या लैपटॉप चार्ज होने के बाद भी कई लोग चार्जर को प्लग से निकालने में आलस कर जाते हैं। हालांकि एक अकेला चार्जर बहुत मामूली बिजली लेता है, लेकिन जब घर के कई चार्जर चौबीसों घंटे सॉकेट में लगे रहते हैं, तो सालभर का कुल बिजली खर्च काफी बढ़ जाता है।
यदि आपके घर में रखा फ्रिज 8-10 साल से अधिक पुराना है, तो वह नए स्टार-रेटेड मॉडलों की तुलना में कहीं ज्यादा पावर खपत करता है। इसके अलावा, यदि फ्रिज के दरवाजे की रबर (गैस्केट) ढीली या खराब हो गई है, तो अंदर की ठंडक बाहर निकलती रहती है। नतीजा यह होता है कि फ्रिज के कंप्रेसर को लगातार चलना पड़ता है, जिससे बिल तेजी से बढ़ता है।
एसी के फिल्टर में धूल-मिट्टी जमा होने से कमरे में हवा का प्रवाह (एयरफ्लो) बाधित हो जाता है। कूलिंग बनाए रखने के लिए एसी के कंप्रेसर को ज्यादा ताकत और समय तक काम करना पड़ता है। नियमित रूप से एसी फिल्टर की सफाई करने से न केवल कूलिंग बेहतर होती है, बल्कि बिजली की बचत भी होती है।
अगर आप आज भी घर में पुराने पीले फिलामेंट वाले बल्ब या पुरानी ट्यूबलाइट्स का प्रयोग कर रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर आपकी जेब पर भारी पड़ रहा है। आधुनिक एलईडी (LED) बल्ब पारंपरिक बल्बों की तुलना में 80% तक कम बिजली की खपत करते हैं और ज्यादा रोशनी प्रदान करते हैं।
सर्दियों के मौसम में गीजर को चालू करके छोड़ देना भारी पड़ सकता है। पानी गर्म होने के बाद भी यदि गीजर ऑन रहता है, तो जैसे ही पानी का तापमान गिरता है, थर्मोस्टेट इसे दोबारा गर्म करने लगता है। इसलिए इस्तेमाल के तुरंत बाद ही गीजर का मेन स्विच बंद कर देना चाहिए।
वाई-फाई राउटर, स्मार्ट स्पीकर्स, गेमिंग कंसोल और प्रिंटर जैसे उपकरण पूरे दिन चालू रहते हैं। इनमें से प्रत्येक उपकरण की अलग-अलग खपत भले कम हो, लेकिन ये सभी मिलकर लगातार पावर का इस्तेमाल करते हैं। रात में सोते समय वाई-फाई राउटर और अनावश्यक उपकरणों को बंद करने की आदत डालनी चाहिए।
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छोटी-छोटी आदतों में सुधार करके आप न केवल बिजली की बर्बादी को रोक सकते हैं, बल्कि हर महीने अपने बिजली के बिल में भी भारी कटौती कर सकते हैं।