डिजिटल डेस्क: गूगल ने हाल ही में जीमेल (Gmail Phishing) उपयोगकर्ताओं को चेताया है कि वे AI तकनीक से तैयार होने वाले साइबर अपराधों से सावधान रहें। स्कैमर्स अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं और नकली ईमेल, संदेश तथा सपोर्ट कॉल्स के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।
पहले जहां स्कैम ईमेल में वाक्यों और शब्दों की गलतियां आसानी से पकड़ में आ जाती थीं, वहीं अब एआई के कारण मेल प्रोफेशनल और असली जैसे लगने लगे हैं। कई बार इन्हें खास उपयोगकर्ताओं को टारगेट कर लिखा जाता है जिससे वे और भी विश्वसनीय प्रतीत होते हैं।
एआई की मदद से असली जैसी दिखने वाली इमेज और कंटेंट तैयार किए जा रहे हैं। अगर आपको अचानक कोई संदिग्ध अटैचमेंट या लिंक मिलता है, तो तुरंत क्लिक करने से बचें। इसकी पुष्टि हमेशा संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क करके करें।
कई बार यूजर्स को नकली खरीदारी से जुड़ा ईमेल मिलता है जिसमें ऑर्डर कैंसिल करने या रिफंड पाने का लालच दिया जाता है। इसके बाद स्कैमर टेक सपोर्ट के नाम पर क्रेडिट कार्ड नंबर और सिस्टम एक्सेस मांग सकते हैं। ऐसे में हमेशा ईमेल की डिटेल्स जैसे पिन कोड, इनवॉइस नंबर और डिलीवरी एड्रेस की जांच जरूर करें।
कुछ स्कैमर्स ईमेल भेजकर दावा करते हैं कि उन्होंने आपकी प्राइवेट जानकारी, फोटो या वीडियो हैक कर ली है और ब्लैकमेलिंग शुरू कर देते हैं। वे पासवर्ड और पता होने की बात करके डराने की कोशिश करते हैं। दरअसल, यह ईमेल स्पूफिंग होती है। ऐसे हालात में घबराने के बजाय तुरंत पासवर्ड बदलें और ईमेल को इग्नोर करें।
गूगल का कहना है कि सावधानी और जागरूकता ही इन स्कैम्स से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
यह भी पढ़ें- Explainer: SIP और Mutual Fund में समझें फर्क, जानें निवेश शुरू करने का सबसे आसान तरीका