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टेक्नोलॉजी डेस्क। सरकार ने 21 सितंबर को जारी नोटिफिकेशन में स्क्रीन प्रोटेक्टर को इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी गुड्स (रिक्वायरमेंट ऑफ कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन) ऑर्डर, 2021 के दायरे में शामिल किया हैं। अब स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग भारतीय मानक IS 19348:2025 के अनुरूप जरूरी होगी। इसका टाइटल 'ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर - स्पेसिफिकेशन' हैं। नया नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा।
IS 19348:2025 में ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए कुछ शर्तों को शामिल किया गया हैं। जिसमें ग्लास की क्वालिटी, डायमेंशन और स्ट्रेंथ को लेकर शर्तें हैं। इस स्टैंडर्ड में एडहेसिव, एंटी-शैटर फिल्म्स, एंटी-ग्लेयर कोटिंग, ब्लू-लाइट फिल्टरिंग और प्राइवेसी लेयर्स को भी कवर किया गया हैं।
इससे घटिया प्रोडक्ट्स पर रोक लग सकती है, साथ ही घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद हैं।
रिपोर्टस की मानें तो, कंपनी ने स्क्रीन प्रोटेक्टर कारोबार के लिए अतिरिक्त 2 करोड़ यूनिट क्षमता तैयार करने की योजना बनाई हैं। इसके अलावा ऑप्टिमस को चालू वित्त वर्ष में इस कारोबार से करीब 1,800-2,000 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद हैं।
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इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के मुताबिक, भारत में हर साल स्क्रीन प्रोटेक्टर की मांग 50 करोड़ यूनिट से ज्यादा हैं। 2025 में टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर का घरेलू बाजार करीब 40 करोड़ पीस का था, जिसकी खुदरा कीमत लगभग 20,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
अब नए नियम के बाद इस क्षेत्र में घरेलू उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद दिख रही हैं।