
डेस्क, नई दिल्ली। 7 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच चल रहे ग्लोबल टेक इवेंट में देश और दुनिया के टेलीकॉम और आईटी सेक्टर के दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं। IMC में 6G, AI से लेकर सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर फोकस किया जा रहा है।
इसी दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कल देश सेवा करते हुए 25 साल पूरे हुए। मैं सबका आभार व्यक्त करता हूँ। यह संयोग है कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10 साल पूरे हुए हैं। यह गर्व की बात है कि जीएसएमए बोर्ड की बैठक के लिए भारत को चुना गया।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे इंडिया मोबाइल कांग्रेस के कई एडिशन में आपके बीच आने का सौभाग्य मिला। 2022 में इसी मंच से हमने देश में 5G की शुरुआत की। 2023 में हमने बताया कि भारत 5G की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इसी मंच पर हमने ITU की मौजूदगी देखी।
इसके साथ ही पीएम ने कहा कि आज भारत टेलीकॉम सेक्टर में जहां पहुंचा है, उसमें इंडिया मोबाइल कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही। इस समिट में अपने मंथन के लिए विषय चुना- 'हर सीमा से परे जाकर विस्तार'। मैं अपने अनुभव से बताना चाहूंगा कि हमने कैसे इस सपने को जीकर दिखाया।
बीते 10-12 साल में मोबाइल कम्युनिकेशन के साथ गुड गवर्नेंस का टूल बनकर सामने आया है। यह हमारे डिजिटल विजन के कोर में रहा है। हम सुनते हैं कि भारत में डेटा, फोन सस्ते हैं। लेकिन यह कैसे हुआ और कैसे किया गया? इसे समझेंगे तो भारत के फोकस एरिया को समझेंगे।
एक समय भारत में डिजिटल डिवाइस बड़ी चुनौती थी। जिसके पास साधन हैं, वही आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ ले पाता था। हमने इसे बदलने की ठानी। इसके सेंटर में मोबाइल फोन को लेकर आए।
यह टेक्नोलॉजी के डेमोक्रेटाइजेशन का हाथ था। मोबाइल और अन्य टेलीफोन हार्डवेयर भारत में बनें, इसकी पूरी कोशिश की, जिसमें सफलता मिली। आज भारत के लोगों की ईज ऑफ लिविंग बढ़ी है।
मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने एजुकेशन, पेमेंट, हेल्थ को बिना बाधा चालू रखा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत भाषा और भूगोल में विविधता से भरा है। इसके चलते लोगों के जीवन में असुविधा भी आती है। मोबाइल ने इस डायवर्सिटी को सुविधा से जोड़ा है। पहले बैंक, अस्पताल, सरकारी दफ्तर शहर में होते थे। इससे गांव के लोगों का समय खर्च होता था।
आज सरकार की सैकड़ों सर्विसेज मोबाइल पर हैं। DBT से पैसा सीधे लोगों के खाते में जा रहा है। 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं। मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन ने भारत में कंटेंट क्रिएशन में क्रांति कर दी है।
फोन और नेटवर्क सिक्योरिटी हमारी प्राथमिकता है। सामान्य नागरिक प्रोटोकॉल की भाषा में नहीं सोचता। जब फोन आए तो उसे पता हो कि कौन फोन कर रहा है। जब पेमेंट हो तो उसे पता हो पैसा सुरक्षित है।
उसे पता हो कि डेटा सुरक्षित है। साइबर फ्रॉड सीमाएं नहीं मानते। एक देश में बैठा व्यक्ति किसी दूसरे देश की मदद से तीसरे देश में क्राइम कर रहा है। यह जरूरी है कि हम इसके लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क पर काम करें।
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अब भारत में 6G की संभावनाओं को लेकर ग्लोबल लीडर्स चर्चा करेंगे। भारत 6G की रेस में दुनिया के विकसित देशों के साथ ही है। सरकार 6G इंफ्रास्ट्रक्चर और इसकी टेस्टिंग के लिए अनुकूल इकोसिस्टम पर फोकस कर रही है। इसमें AI और मशीन लर्निंग के इकोसिस्टम को लेकर भी चर्चा की जाएगी।