
एजेंसी, कानपुर। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। पिछले करीब दो वर्षों से कागजी कार्रवाई में उलझी 300 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना अब धरातल पर आने वाली है। इस परियोजना की सबसे बड़ी रुकावट बसों के लिए चार्जिंग डिपो की उपलब्धता थी, जिसे दूर करते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम ने दो उपयुक्त स्थानों पर जमीन का चयन कर लिया है।
योजना के मुताबिक, चकेरी एयरपोर्ट मार्ग और झकरकटी बस टर्मिनल के पास कोपरगंज इलाके में अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन और बस डिपो का निर्माण किया जाएगा। जमीन से जुड़ी जरूरी कागजी प्रक्रियाएं पूरी होते ही यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि यदि सब कुछ तय समय सीमा के भीतर रहा, तो आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कानपुर वासियों को इन 300 ई-बसों की सौगात मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी समय पहले ही कानपुर नगर के लिए इन 300 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी दे दी थी। हालांकि, शहर में इन्हें पार्क करने और चार्ज करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर न होने के कारण यह प्रोजेक्ट अटका हुआ था। उपयुक्त जमीन की तलाश के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की एक संयुक्त कमेटी लगातार प्रयास कर रही थी, जिसे अब कामयाबी मिली है।
नगर निगम के प्रभारी अधिकारी (सम्पत्ति) द्वारा 'पीएम ई-बस सेवा' योजना के तहत केडीए से 15 एकड़ जमीन की मांग की गई थी। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और अंततः चकेरी एयरपोर्ट रोड के निकट करीब 8 एकड़ तथा कोपरगंज में लगभग 10 एकड़ भूमि को इस परियोजना के लिए हरी झंडी दी।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की ओर से भी बसों के संचालन के लिए जमीन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आग्रह किया गया था। इसके बाद केडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक, सदर तहसीलदार और एडीएम सिटी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने मौका मुआयना कर जमीन फाइनल की। अब नगर निगम ने केडीए से जमीन के मालिकाना हक, खतौनी और राजस्व संबंधी रिपोर्ट मांगी है ताकि भूमि हस्तांतरण का काम तेजी से निपटाया जा सके।
इन 300 नई ई-बसों के सड़कों पर उतरने से न केवल कानपुर शहर के भीतर यातायात सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और पड़ोसी जिलों के यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए डिपो में एक साथ कई बसों को चार्ज करने की आधुनिक व्यवस्था होगी। इससे बसों का शेड्यूलिंग और संचालन अधिक व्यवस्थित हो जाएगा। सड़कों पर ई-बसों की संख्या बढ़ने से जहां एक ओर डीजल पर निर्भरता कम होगी, वहीं शहर के वायु प्रदूषण के स्तर में भी भारी गिरावट आएगी।
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चार्जिंग डिपो के निर्माण के लिए दो जगहों पर जमीन चिन्हित की जा चुकी है। फिलहाल संबंधित विभागों से राजस्व रिकॉर्ड और अन्य विधिक औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। यह प्रक्रिया पूरी होते ही आगे का काम तेजी से शुरू किया जाएगा। - आलोक कुमार गुप्ता, एडीएम सिटी, कानपुर