
एजेंसी, बाराबंकी। लखनऊ से अयोध्या की दूरी तय करने वाले राहगीरों और हाईवे किनारे बसे स्थानीय लोगों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह एक्सीडेंट-फ्री और सुगम बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक मेगा प्लान तैयार किया है। जिले की सीमा के भीतर चार सबसे संवेदनशील और दुर्घटना संभावित मोड़ों पर जल्द ही दो नए ओवरब्रिज (फ्लाइओवर) और दो अंडरपास का निर्माण होने जा रहा है। सरकार इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर 170 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च करने जा रही है।
पहले इस पूरी परियोजना की लागत करीब 125 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन सुरक्षा और आधुनिक मानकों को ध्यान में रखते हुए बजट में 45 करोड़ रुपये का इजाफा कर इसे 170 करोड़ रुपये कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो कागजी और प्रशासनिक औपचारिकताएं अंतिम दौर में हैं और सब कुछ तय समय पर रहा, तो इसी साल अक्टूबर से धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।
NHAI ने सर्वे के बाद हाईवे पार करने वाले स्थानीय ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और किसानों की भारी तादाद को देखते हुए चार सबसे व्यस्त चौराहों को चिह्नित किया है...
वर्तमान में इन चारों जगहों पर स्थानीय लोगों को हाईवे के इस पार से उस पार जाने के लिए जान जोखिम में डालकर तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच से गुजरना पड़ता है। कई जगहों पर तो ग्रामीणों ने शॉर्टकट के चक्कर में अवैध कट भी बना लिए हैं, जो भीषण हादसों की मुख्य वजह बनते हैं।
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नए ओवरब्रिज और अंडरपास बनने के बाद लोकल ट्रैफिक को एक्सप्रेस हाईवे के मुख्य कैरिजवे पर आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इससे लोकल लोग नीचे से सुरक्षित गुजर सकेंगे और हाईवे का ट्रैफिक बिना किसी बाधा के सरपट दौड़ सकेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी, बल्कि एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं और व्यापारिक वाहनों को भी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।