यूपी डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में जल्द ही होमगार्डों की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत दो चरणों में 44 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में होमगार्डों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन में होमगार्ड स्वयं सेवकों ने हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्तमान में राज्य में 1,18,348 स्वीकृत पदों के मुकाबले 71,155 होमगार्ड सक्रिय हैं। आने वाले 10 वर्षों में लगभग 38,000 स्वयं सेवक सेवानिवृत्त हो जाएंगे, वहीं मौजूदा बल में 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 51 प्रतिशत से ज्यादा होमगार्ड कार्यरत हैं।
युवाओं को अधिक अवसर देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने होमगार्ड भर्ती में अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से घटाकर 30 वर्ष करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा को अनिवार्य करने और आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण या अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
भर्ती प्रक्रिया के संचालन के लिए एक नया बोर्ड गठित किया जाएगा, जिसमें पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड का सहयोग लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई पंजीकरण व्यवस्था शीघ्र तैयार की जाए, जिससे युवाओं को समय पर अवसर मिल सके।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि होमगार्डों की सेवाएं पुलिस, यातायात प्रबंधन, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, नगरीय निकायों, एफसीआई, दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित कई क्षेत्रों में ली जा रही हैं। इसके अलावा चुनावों, धार्मिक आयोजनों और महाकुंभ-2025 जैसे बड़े कार्यक्रमों में भी होमगार्डों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई है।
डिजिटलाइजेशन की दिशा में विभाग ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। ड्यूटी आवंटन, भत्तों का भुगतान, पेंशन और अनुग्रह राशि की सभी प्रक्रियाएं अब ऑनलाइन हो चुकी हैं। ‘होमगार्ड मित्र’ एप्लीकेशन ने पूरी कार्यप्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाया है। प्रशिक्षण के लिए प्रदेश में एक केंद्रीय संस्थान और 12 मंडलीय केंद्र सक्रिय हैं, जहां हर साल 15,000 से ज्यादा स्वयं सेवकों को प्रशिक्षित किया जाता है।
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