
डिजिटल डेस्क, मुरादाबाद: भाजपा के पूर्व जिला मंत्री अनिल कुमार वार्ष्णेय के 34 वर्षीय बेटे अंशुल वार्ष्णेय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार शाम को नगर पालिका कार्यालय के सामने स्थित उनके आवास पर अंशुल ने फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे नगर को हिलाकर रख दिया है।
अंशुल की मौत के बाद उनकी शर्ट की जेब से दो पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने इस मामले को एक नया और संवेदनशील मोड़ दे दिया है। रविवार की सुबह गमगीन माहौल में अंशुल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अंशुल वार्ष्णेय द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के कई लोगों पर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने का सीधा आरोप लगाया है। नोट के अनुसार, उन्होंने लिखा है, "मेरी मौत की जिम्मेदार मेरी पत्नी, उसका भाई, उसकी मां, उसके दो मौसा, उसके दो मामा, उसका फुफेरा भाई हैं।"
अंशुल ने आरोप लगाया कि ये सभी लोग उनकी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं और उन्हें झूठे मामलों में जेल भिजवाना चाहते हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि उनकी पत्नी तलाक देने के लिए उनसे दो करोड़ रुपये की मांग कर रही थी। नोट में यह भी उल्लेख है कि ससुराल पक्ष की नजर अंशुल के भाई के लखनऊ वाले घर और उनकी संपत्ति पर है।
नोट में अंशुल ने भावनात्मक रूप से यह भी लिखा है कि उनकी पत्नी ने उनकी बेटी को भी उनके खिलाफ कर दिया है और उनकी जिंदगी में सुकून नहीं है। अपनी आखिरी इच्छा व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा, "मेरी लाश को इन लोगों को छूने मत देना।"
मृतक के स्वजन (परिवार) का कहना है कि अंशुल काफी समय से अपनी पत्नी के साथ न्यायालय में चल रहे विवाद के कारण गहरे तनावग्रस्त थे। इस घटना के बाद पूरे घर में मातम पसरा है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बहजोई के सीओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि पुलिस को अभी तक मृतक के स्वजन की ओर से कोई तहरीर (शिकायत) नहीं मिली है। स्वजन ने सूचित किया है कि अंतिम संस्कार के बाद ही वे पुलिस को लिखित शिकायत देंगे। सीओ ने आश्वस्त किया है कि जैसे ही पुलिस को तहरीर मिलेगी, सुसाइड नोट को मुख्य साक्ष्य मानते हुए मुकदमा दर्ज करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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