UP में जनगणना की रिहर्सल शुरू... 5 लाख कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा, पहली बार पूछे जाएंगे ये सवाल, नोट कर लें पूरी जानकारी
Census 2027: भारत अपनी आबादी का नया लेखा-जोखा तैयार करने की दहलीज पर खड़ा है। आगामी जनगणना 2027 केवल सिरों की गिनती नहीं होगी, बल्कि यह देश के रहन-सहन ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 10 Jan 2026 03:03:20 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Jan 2026 03:03:20 PM (IST)
UP में जनगणना की रिहर्सल शुरू।HighLights
- आबादी के साथ खान-पान की भी होगी गिनती
- यूपी में डिजिटल जनगणना का रिहर्सल शुरू
- जनगणना में 5 लाख कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा
डिजिटल डेस्क। भारत अपनी आबादी का नया लेखा-जोखा तैयार करने की दहलीज पर खड़ा है। आगामी जनगणना 2027 केवल सिरों की गिनती नहीं होगी, बल्कि यह देश के रहन-सहन और खान-पान के बदलते मिजाज की एक डिजिटल तस्वीर पेश करेगी। इस बार जनगणना में एक दिलचस्प बदलाव किया गया है पहली बार नागरिकों से उनकी 'फूड चॉइस' (खान-पान की पसंद) पूछी जाएगी।
अनाज से तय होंगी भविष्य की योजनाएं
हर परिवार से यह सवाल पूछा जाएगा कि उनके भोजन में मुख्य अनाज क्या है गेहूं, चावल, ज्वार, बाजरा या मक्का? सरकार का उद्देश्य इस डेटा के जरिए भविष्य की राशन वितरण प्रणाली (PDS) और पोषण कार्यक्रमों को क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार अधिक प्रभावी बनाना है।
UP में रिहर्सल तेज, मोबाइल एप से होगी गणना
उत्तर प्रदेश में इस महाभियान की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। प्रयागराज, बुलंदशहर (अनूपशहर) और बहराइच (मिहींपुरवा) में मोबाइल एप के जरिए डिजिटल रिहर्सल किया जा चुका है।
तीन चरणों में पूरा होगा काम
- पहला चरण (20 मई - 20 जून): इसमें मकानों की सूची तैयार होगी और परिवार की बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, इंटरनेट, वाहन आदि) से जुड़े 32 सवाल पूछे जाएंगे। इसी चरण में मुख्य अनाज का ब्यौरा भी लिया जाएगा।
- दूसरा चरण (फरवरी 2027): इस दौरान जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार और भाषा जैसी व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाएगी।
- तीसरा चरण (मार्च 2027): यह 'रिवीजन' का दौर होगा, जिसमें डेटा अपडेट कर जन्म-मृत्यु की घटनाओं को दर्ज किया जाएगा।
जनगणना 2027 में कौन-कौन से सवाल पूछे जाएंगे?
- नाम, वैवाहिक स्थिति और बच्चों की जानकारी
- एजुकेशनल क्वालिफिकेशन
- रोजगार का टाइप (सरकारी, निजी, स्व–रोजगार, आदि)
- मोबाइल, इंटरनेट और फोन की उपलब्धता
- साइकिल, बाइक या कार जैसे वाहनों का मालिकाना हक
- घर में खाया जाने वाला अनाज
- पीने के पानी और बिजली का मुख्य सोर्स
- शौचालय और नहाने की सुविधा
- रसोई और एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन
- खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाला ईंधन
- रेडियो और टीवी की उपलब्धता
- घर की स्थिति
- घर में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की संख्या
- घर का मुखिया कौन है
- परिवार किस समुदाय से हैं
- घर में कितने कमरे हैं
- मकान की दीवार
- फर्श और छत किस सामग्री की बनी है और मकान की कंडीशन
- घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं
यह भी पढ़ें- UP में अब घर बनाना हुआ और महंगा, सरिया और ईंटों के दामों में भारी उछाल, जानें क्या है कीमत
5 लाख कर्मचारियों की फौज
- प्रदेश में इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए 5 लाख से अधिक कर्मचारियों को मैदान में उतारा जाएगा।
- प्रगणक (Enumerators): 4.5 लाख (मुख्य रूप से शिक्षक)। एक प्रगणक को 30 दिन में 150 घरों का डेटा लेना होगा।
- सुपरवाइजर: 75 हजार अधिकारी निगरानी करेंगे।
- पारिश्रमिक: प्रगणकों को दोनों चरणों के लिए कुल 25,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
ऑफलाइन मोड में भी चलेगा मोबाइल एप
तकनीकी बाधाओं से निपटने के लिए मोबाइल HLO एप में 'ऑफलाइन मोड' की सुविधा दी गई है। प्रगणक बिना इंटरनेट वाले क्षेत्रों में भी डेटा फीड कर सकेंगे, जो नेटवर्क मिलते ही सर्वर पर ऑटो-अपलोड हो जाएगा। फिलहाल मास्टर ट्रेनर्स की दिल्ली में ट्रेनिंग चल रही है, जो जल्द ही जिला स्तर पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।