
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) परियोजना अब धरातल पर उतरने लगी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बलरामपुर जिले की 64 गांवों में जमीन की खरीद और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बलरामपुर तहसील के 14 और उतरौला तहसील के 50 गांवों को चिह्नित किया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति राय के अनुसार, अगले दो महीनों के भीतर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसके लिए दिल्ली की संस्था 'इंटरकांटिनेंटल कंसल्टेंट्स टेक्नोक्रेट्स लि.' को डीपीआर और जमीन की नापी के लिए नामित किया गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बलरामपुर तहसील के 14 गांवों बलरामपुर देहात, सोनार, फत्तेजोत, भगवतपुर, बघनी, देवरावां, बांसेडीला, मधवाजोत, परसियाफाफी, कांदभारी, कटरा शंकरनगर, भीखपुर, राजघाट, तेंदुआ शामिल हैं। उतरौला तहसील के 50 गांवों में खरदेवरी, गुलवरिया माफी, सहदेइया, बायभीट, विशंभरपुर, चिताही, पिपरी कोल्हुई, चंदापुर, पचौथा, मस्तीजोत, नंदमहरा, पनवापुर, बभनपुरवा, अमारेभरिया, रसूलपुर चांद, बरायल, कोहिनिया, उपरौहुला, तेतारपुर, तिलहर, सकारा पाठक, बगहिया, फगुइया, बभनीबजुर्ग, तिलखी बढ़या, परसौना एहतमाली, परसौना मुस्तहकम, खम्हरिया, खम्हरिया अलादाद, लारम, टेढ़वा चुहचुहिया, मझारी दूल्हा, लखमा, महियाघाटम, खजुहा, टिकुइया, जनुकी, उतरौला ग्रामीण, मोहनजोत, नगरिया, देवरिया अर्जुन, बड़री, महुआधनी, पूरे पांडेयजोत, बारम, बिरदा बनियाभारी, केवटली गांवों में जमीनों की खरीद और बिक्री पर रोक लगी है। अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम व सहायक निबंधक को इस आशय का पत्र भेजा है।
यह भी पढ़ें- UP में अब घर बनाना हुआ और महंगा, सरिया और ईंटों के दामों में भारी उछाल, जानें क्या है कीमत
यह 700 किमी लंबा एक्सप्रेस-वे पूर्वी उत्तर प्रदेश (गोरखपुर) को सीधे पश्चिमी उत्तर प्रदेश (शामली) से जोड़ेगा। यह संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, बरेली और मुजफ्फरनगर जैसे महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा। खास बात यह है कि यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और अंबाला-शामली कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। वर्तमान में प्रशासन ने संबंधित उप-निबंधकों को निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक जमीन का हस्तांतरण न हो सके।