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देश में प्रोटीन संकट! लोगों को जरूरत 180 अंडों की, मिल रहे सिर्फ 103... अंडा और मांस उत्पादन में पिछड़ा भारत

क्या आपको पता है कि भारत के लोगों को जितने अंडो की जरूरत है उतना नहीं मिल पा रहा है। यह कहना है भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली के सहा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 02 Nov 2025 03:53:00 PM (IST)Updated Date: Sun, 02 Nov 2025 03:53:00 PM (IST)
देश में प्रोटीन संकट! लोगों को जरूरत 180 अंडों की, मिल रहे सिर्फ 103... अंडा और मांस उत्पादन में पिछड़ा भारत
अंडा और मांस उत्पादन में पिछड़ा भारत

एजेंसी, बरेली। क्या आपको पता है कि भारत के लोगों को जितने अंडो की जरूरत है उतना नहीं मिल पा रहा है। यह कहना है भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक डॉ. जी.के. गौड़ का, जिन्होंने केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) में आयोजित कुक्कुट किसान गोष्ठी में यह दावा किया है। उन्होंने बताया कि आईसीएआर मानक के अनुसार, वर्तमान में देश में प्रति व्यक्ति अंडा उत्पादन (Egg production in India) 103 अंडे प्रति वर्ष है, जबकि आंकड़ा कम से कम 180 अंडे होना चाहिए।

अंडा और मांस दोनों के उत्पादन में सुधार

साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि प्रति व्यक्ति मांस उत्पादन का औसत भी कम है। उन्होंने बताया कि आदर्श स्तर 10.8 किलोग्राम माना गया है, जबकि उत्पादन का औसत 7.4 किलोग्राम है। डॉ. गौड़ ने आगे कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि भारत में कुक्कुट उद्योग के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि सीएआरआई के वैज्ञानिक लगातार नई हाइब्रिड पक्षी प्रजातियों का विकास कर रहे हैं, जिससे अंडा और मांस दोनों के उत्पादन में सुधार हो रहा है।


पालकों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण

संस्थान में वैज्ञानिकों की कमी दूर करने के लिए शीघ्र नई नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे अनुसंधान कार्यों को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि हर साल सैकड़ों कुक्कुट पालकों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे वैज्ञानिक पद्धतियों से उत्पादन बढ़ा सकें। डॉ. गौड़ ने स्थानीय व्यापारियों से भी अपील की कि वे संस्थान के उत्पादों और नवाचारों का लाभ उठाकर उद्योग में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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