यूपी में कैरेक्टर सर्टिफिकेट और किरायेदार सत्यापन हुए आसान, यूपी कॉप एप बना डिजिटल पुलिस स्टेशन
UP Cop app: उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता को पुलिस सेवाओं में बड़ी राहत दी है। योगी सरकार की पहल पर यूपी कॉप एप प्रदेशवासियों के लिए डिजिटल पुलिस स्टे ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Jan 2026 04:35:40 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Jan 2026 04:35:40 PM (IST)
यूपी में कैरेक्टर सर्टिफिकेट और किरायेदार सत्यापन हुए आसान, यूपी कॉप एप बना डिजिटल पुलिस स्टेशनHighLights
- 27 पुलिस सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है
- चरित्र सत्यापन मात्र छह दिन में पूरा हो रहा है
- 50 लाख से अधिक लोगों ने किया डाउनलोड
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता को पुलिस सेवाओं में बड़ी राहत दी है। योगी सरकार की पहल पर यूपी कॉप एप प्रदेशवासियों के लिए डिजिटल पुलिस स्टेशन की तरह काम कर रहा है, जिससे अब घर बैठे ही एफआईआर, कैरेक्टर सर्टिफिकेट, किरायेदार सत्यापन सहित कुल 27 पुलिस सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।
यूपी कॉप एप के जरिए अब चरित्र सत्यापन मात्र छह दिन में पूरा हो रहा है, जबकि पहले इसमें करीब आठ दिन लगते थे। इसी तरह किरायेदार सत्यापन का समय 24-25 दिनों से घटकर आठ दिन रह गया है। वहीं कर्मचारी सत्यापन भी अब पांच दिन में हो जा रहा है, जो पहले करीब 13 दिन में पूरा होता था।
50 लाख से अधिक लोगों ने किया डाउनलोड
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक लोग यूपी कॉप एप डाउनलोड कर चुके हैं। यह एप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसके माध्यम से अब तक 2.1 करोड़ से ज्यादा एफआईआर डाउनलोड की जा चुकी हैं, जबकि 7.3 लाख से अधिक लोगों ने खोए हुए सामान की रिपोर्ट एप के जरिए दर्ज कराई है।
स्टेटस की जानकारी तुरंत मिल जाती है
एप की खासियत यह है कि आवेदन करने के बाद स्टेटस की जानकारी तुरंत मिल जाती है। इसके साथ ही लोकेशन ट्रैकिंग, इमरजेंसी के लिए एसओएस बटन और नजदीकी पुलिस स्टेशन को मैप पर देखने जैसी सुविधाएं भी इसमें मौजूद हैं।
डीजीपी बोले-पुलिस की जवाबदेही बढ़ी
डीजीपी ने बताया कि शिकायत समीक्षा पोर्टल पर दर्ज मामलों की नियमित निगरानी और समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है, जिससे पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है। तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस सेवाओं का मानकीकरण हो रहा है और जनशिकायत निवारण व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जनकेंद्रित और प्रभावी बन रही है।