
डिजिटल डेस्क: विवाहित बेटियों को अब शादी के बाद ससुराल में ही मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन अब उनके ससुराल की कोटा दुकान से मिलेगा। पूर्ति विभाग शादी के बाद बेटियों के हिस्से का राशन ससुराल के राशन कार्ड (Ration Card) में जोड़ देगा, जिससे मायके के राशन कार्ड से नाम कटवाने और ससुराल में जुड़वाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
अब तक विवाह के बाद बेटियों का नाम मायके के राशन कार्ड से कटवाकर ससुराल के राशन कार्ड में जोड़ने में काफी समय लगता था। यह प्रक्रिया 45 से 90 दिन तक खिंच जाती थी और तकनीकी समस्याएं भी सामने आती थीं। कई मामलों में नाम डुप्लीकेसी में चले जाने से लाभार्थियों को राशन से वंचित रहना पड़ता था।
पहले राशन कार्ड से नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों का डाटा नेशनल डाटा सेंटर और स्टेट डाटा सेंटर में भेजा जाता था। राउटर के माध्यम से तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगता था। अब पूर्ति विभाग ने इसे सरल बनाते हुए दोनों राशन कार्ड प्रस्तुत करने पर तुरंत नाम स्थानांतरित करने की व्यवस्था लागू की है।
इस नई व्यवस्था से गरीब परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। विवाह के बाद बेटियों को राशन मिलने में अब कोई बाधा नहीं आएगी। पूर्ति विभाग यह सुविधा केवल विवाहिता महिलाओं को दे रहा है, ताकि उन्हें राशन पाने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।
पूर्ति विभाग अब तक दो सौ नाम दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरित कर चुका है, जबकि तीन सौ नाम निचलौल ब्लॉक में जोड़े जा चुके हैं। यह प्रक्रिया लगातार जारी है, जिससे अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सके।
निचलौल ब्लॉक के लोड़िया की रहने वाली अन्नू का नाम सिसवा मीरगंज में जोड़ा गया है। वहीं हुस्नबानों का भारत खंड पकड़ी में, सोनम मौर्य का खेरहवा जंगल नौतनवा ब्लॉक से निचलौल के ग्राम टिकुलहिया में और गुलशन मोहनापुर का नाम जयश्री में जोड़ा गया है। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि विवाहिता महिलाओं को राशन से वंचित न रहने देने के लिए विभाग सक्रिय है।
बेटियों की शादी के बाद मायके और ससुराल दोनों के राशन कार्ड पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद विवाहिता का नाम तुरंत ससुराल के राशन कार्ड में जोड़ दिया जाएगा, जिससे उन्हें बिना रुकावट राशन मिल सकेगा।
खाद्य एवं रसद विभाग ने विवाहिता का राशन कार्ड काटने तथा जोड़ने में आती समस्या को देखते हुए ऑनलाइन स्थानांतरण की सुविधा दी है। यह प्रक्रिया काफी आसान है। दोनों पक्ष के राशन कार्ड को लेकर पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर आने के बाद नाम को जोड़ दिया जाता है। इससे विवाहिता को राशन का लाभ तुरंत मिले।
-इंद्रभान सिंह, पूर्ति निरीक्षक अधिकारी निचलौल