एजेंसी ,नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका उत्तर प्रदेश सरकार के 105 सरकारी प्राथमिक स्कूलों के विलय के आदेश को चुनौती देती थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और ए.जी. मसीह की पीठ ने सोमवार को कहा कि यदि यह शिक्षा के अधिकार अधिनियम से जुड़ा मुद्दा है, तो इसे अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका बनाकर सुप्रीम कोर्ट में लाना उचित नहीं है। अदालत ने कहा कि इस मामले पर फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट को करना चाहिए।
जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई में रुचि नहीं दिखाई, संजय सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और अब यह मामला हाईकोर्ट में ले जाया जाएगा।
संजय सिंह ने क्या कहा
संजय सिंह की याचिका में कहा गया था कि 16 जून को जारी सरकारी आदेश और 24 जून को निकली सूची में 105 प्राथमिक स्कूलों का विलय मनमाना और असंवैधानिक है। याचिका के अनुसार, कम नामांकन वाले स्कूलों को दूसरे संस्थानों में मिलाने से छोटे बच्चों को बिना परिवहन सुविधा के लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जो शिक्षा के अधिकार और बच्चों की सुविधा दोनों के खिलाफ है।