
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की चयन प्रक्रिया में बीते पांच वर्षों के दौरान एक व्यापक और सकारात्मक बदलाव दर्ज किया गया है। वर्ष 2021 से लेकर अब तक आयोग द्वारा आयोजित 52 विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से 79,078 पदों को समाहित किया गया है। इस पूरी अवधि में वर्तमान वर्ष (2026) आयोग के लिए सबसे निर्णायक साबित हो रहा है, जहां अकेले सितंबर माह तक ही 314 अधियाचनों के जरिए 30,669 पदों पर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आयोग की आगामी कार्ययोजना के अनुसार, चालू माह से दिसंबर के मध्य लगभग 11 परीक्षाएं आयोजित किए जाने की संभावना है। इन आगामी परीक्षाओं में 64 अधियाचनों के तहत 6,643 पद शामिल रहेंगे। यदि इन्हें भी जोड़ लिया जाए, तो इस वर्ष कुल परीक्षाओं का आंकड़ा 24, अधियाचनों की संख्या 378 और कुल विज्ञापित पदों की संख्या बढ़कर 37,312 होने का अनुमान है, जो विभागीय मांग के लिहाज से एक नया रिकॉर्ड है।
आयोग की कार्यप्रणाली के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में महज तीन परीक्षाओं के जरिये 1,161 पदों पर प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके बाद 2022 में नौ परीक्षाओं के माध्यम से 20,957 पद, वर्ष 2023 में सात परीक्षाओं में 6,901 पद तथा वर्ष 2024 में दो परीक्षाओं के जरिए 2,788 पदों का चयन हुआ। वर्ष 2025 में 18 परीक्षाओं के तहत 108 अधियाचनों से 16,602 पद विज्ञापित किए गए थे।
वर्तमान वर्ष 2026 में बीते वर्ष की तुलना में कुल पदों की संख्या में लगभग 85 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है।
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इस वर्ष न केवल परीक्षाओं और अधियाचनों का आंकड़ा बढ़ा है, बल्कि विज्ञापित भर्तियों का आकार भी काफी बड़ा हुआ है। वर्ष 2026 की प्रत्येक परीक्षा में औसतन 2,359 पद शामिल रहे हैं, जबकि वर्ष 2025 में यह औसत 922 पद, वर्ष 2023 में 986 पद और वर्ष 2022 में 2,329 पद प्रति परीक्षा था।
अधियाचनों की बात करें तो 2021 में कुल 18 अधियाचन प्राप्त हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 108 और 2026 में सितंबर तक 314 तक पहुंच गए हैं। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा बड़ी संख्या में अपनी मांगें भेजने के कारण अधियाचनों का यह आंकड़ा लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।