
एजेंसी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजकीय और अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया अब समय पर पूरी की जाएगी। शासन ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि वे विषय विशेषज्ञ और कुलपति नामित समय रहते तय करें, ताकि समर्थ पोर्टल पर चल रही प्रक्रिया बाधित न हो।
उच्च शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि कई विश्वविद्यालयों द्वारा विशेषज्ञ और नामिनी समय पर तय न करने के कारण प्रमोशन की प्रक्रिया लंबित हो रही थी। इसे रोकने के लिए अब नई व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत विश्वविद्यालयों के कुलपति प्रोफेसर स्तर या समकक्ष शिक्षकों को विशेषज्ञ और नामिनी नियुक्त करेंगे। इन विशेषज्ञों व नामिनियों का एक पूल समर्थ पोर्टल पर बनाया जाएगा। वहां से कंप्यूटर रैंडम आधार पर महाविद्यालयों को विशेषज्ञ और नामिनी आवंटित करेगा।
जहां किसी विशेष विषय जैसे कृषि अर्थशास्त्र या सहकारिता में प्रोफेसर उपलब्ध न हों, वहां चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति और राज्य गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ मिलकर समतुल्य विषयों की सूची तैयार करेंगे। उसी आधार पर विशेषज्ञों का चयन होगा।
समर्थ पोर्टल से चुने गए विशेषज्ञ और नामिनी को ईमेल भेजा जाएगा। उन्हें 48 घंटे के भीतर स्वीकृति या अस्वीकृति देनी होगी। समय सीमा पूरी होने पर कंप्यूटर स्वतः नए विशेषज्ञ नियुक्त करेगा। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और कंप्यूटरीकृत होगी।
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