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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP के डेढ़ लाख शिक्षकों को बड़ी राहत की तैयारी, सीएम योगी का बड़ा कदम, सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

Supreme Court Order on TET Exam: उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के टीईटी अनिवार्यता आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दाखिल करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्...और पढ़ें

By ADITYA KUMAREdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 16 Sep 2025 03:05:35 PM (IST)Updated Date: Tue, 16 Sep 2025 03:05:35 PM (IST)
UP के डेढ़ लाख शिक्षकों को बड़ी राहत की तैयारी, सीएम योगी का बड़ा कदम, सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार
Supreme Court के नए ऑर्डर पर TET से शिक्षकों को बड़ी राहत की तैयारी में योगी सरकार

एजेंसी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सेवारत शिक्षकों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि उच्चतम न्यायालय (Supreme Court Order On Teachers) द्वारा हाल ही में दिए गए आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका (रिव्यू पिटीशन) दायर की जाए।

परिवार की आजीविका पर भी संकट

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर को आदेश दिया था कि कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास करना अनिवार्य होगा। इस आदेश से लाखों शिक्षक असमंजस में हैं। इनमें से कई वर्षों से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं और बच्चों को पढ़ाने में अपना अहम योगदान दे रहे हैं। ऐसे शिक्षकों का कहना है कि लंबे अनुभव और सेवा के बावजूद यदि उन्हें केवल एक परीक्षा के आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया गया, तो यह न केवल उनके भविष्य बल्कि उनके परिवार की आजीविका पर भी संकट बन सकता है।


शिक्षकों को दरकिनार करना उचित नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि पहले से कार्यरत शिक्षकों को दरकिनार करना उचित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हमेशा से शिक्षकों की योग्यता और अनुभव का सम्मान करती आई है। सरकार समय-समय पर सेवारत शिक्षकों को प्रशिक्षण देती रही है ताकि वे बदलते समय और शिक्षा प्रणाली की मांगों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिक्षकों की वर्षों की सेवा और अनुभव को मान्यता मिलनी चाहिए, न कि केवल एक परीक्षा के आधार पर उन्हें परखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट में राज्य का पक्ष मजबूती से रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सेवारत शिक्षकों को राहत मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि शिक्षक बिना किसी असमंजस या भय के बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।

करीब डेढ़ लाख शिक्षक का भविष्य अधर में

गौरतलब है कि प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें बिना टीईटी पास किए नियुक्त किया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। सरकार का प्रयास रहेगा कि इन शिक्षकों की सेवाओं का सम्मान बना रहे और शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका निरंतर बनी रहे।

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