आगरा, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के आगरा में आयकर विभाग ने बड़ी छापेमारी की है, जहां विभाग ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के पांच हजार करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग पकड़ी है। आयकर विभाग को देश की नामी-गिरामी कंपनियों से सीएसआर फंड के करोड़ों रुपये मथुरा के जनजागृति सेवा संस्थान, अहमदाबाद के रागिनी बेन विधिक चंद्र सेवा कार्य और भीलवाड़ा के डा. ब्रजमोहन सपूत कला संस्कृति सेवा संस्थान ट्रस्ट में जमा होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद से ही विभाग चौकन्ना हो गया था, जिसके बाद उसकी तरफ से ताबड़ताड़ एक्शन लिया गया।
यह बात निकलकर सामने आई है कि शैल कंपनियों (मुखौटा कंपनियों) के माध्यम से चीन, हांगकांग, मलेशिया, सिंगापुर समेत कई देशों में धनराशि भेजी गई और वहां से तस्करी कर करोड़ों रुपये के हीरे मंगाए गए, जबकि इसका इस्तेमाल सामाजिक कामों में किया जाना चाहिए था। इन हीरों को गुजरात के सूरत में बेचकर धनराशि जुटाई गई, जिसे हवाला के माध्यम से कंपनियों को कैश में लौटाया गया।
यह फाइनल आंकड़ा नहीं है, क्योंकि आयकर विभाग की कार्रवाई अब भी जारी है और आगे यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। हीरों का मामला है, इस वजह से इसकी जद में अभी हीरों की खरीद व बिक्री करने वाले हीरा कारोबारी भी आ सकते हैं। इसकी वजह से हीरा कारोबारियों की दिक्कत भी बढ़ गई है।
फिलहाल आयकर विभाग को हीरों की तस्करी कर भारत लाए जाने के पांच मामलों की जानकारी मिली है, जबकि उसकी तलाश जारी है। विभाग ने 50 से अधिक शैल कंपनियों को पकड़ा है, जिन्हें गरीब, मजूदरों के आधार कार्ड लेकर बनाया गया है। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच का दायरा विस्तृत होने के बाद इस रकम का आंकड़ा बढ़ेगा।
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बता दें कि प्रधान आयकर निदेशक अन्वेषण कानपुर अजय कुमार शर्मा के निर्देशन व अपर आयकर निदेशक अन्वेषण पीयूष कोठारी के नेतृत्व में उप आयकर निदेशक अन्वेषण हार्दिक अग्रवाल और टीम जांच कर रही है। इस पूरी जांच में 200 से अधिक अधिकारी जुटे हुए हैं।