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एलएलबी के छात्र को मिली दो डिग्री, विश्वविद्यालय पहुंच पूछा-कौन सी सही मानूं..जांच के आदेश

UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) की डिग्री वितरण प्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एक छात्र को एक ही एलएल...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Manoj Dubey
Publish Date: Wed, 03 Dec 2025 03:48:09 PM (IST)Updated Date: Wed, 03 Dec 2025 03:49:08 PM (IST)
एलएलबी के छात्र को मिली दो डिग्री, विश्वविद्यालय पहुंच पूछा-कौन सी सही मानूं..जांच के आदेश
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के एलएलबी के छात्र को मिली दो डिग्री।

HighLights

  1. परीक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही
  2. एक ही डिग्री की दो प्रतियां मिली
  3. दोनों के सीरियल नंबर अलग

डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) की डिग्री वितरण प्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मुरादनगर निवासी जुनैद अख्तर को एक ही एलएलबी डिग्री की दो-दो प्रतियां मिलने से विश्वविद्यालय की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

जुनैद ने 2022 में एलएलबी (LLB) की पढ़ाई पूरी की थी। दो महीने पहले उन्हें कॉलेज के माध्यम से डिग्री मिली, जो 15 दिसंबर 2022 को जारी हुई थी। लेकिन चार दिन पहले उनके घर एक और एलएलबी डिग्री पहुंच गई। तारीख वही, लेकिन सीरियल नंबर अलग था।


दो अलग-अलग सीरियल नंबर वाली डिग्रियां

दो अलग-अलग सीरियल नंबर वाली डिग्रियां देखकर छात्र असमंजस में हैं कि कौन-सी डिग्री सही मानी जाएगी। उनका कहना है कि यदि भविष्य में वेरीफिकेशन के दौरान रिकॉर्ड से सीरियल नंबर मेल न खा पाया तो डिग्री को फर्जी माना जा सकता है। इस समस्या को लेकर उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा है।

छात्रों का कुलसचिव कार्यालय पर प्रदर्शन

नैक मूल्यांकन में रैंकिंग सुधारने का दावा करने वाला विश्वविद्यालय इन दिनों डिग्री और मार्कशीट संबंधी गड़बड़ियों को लेकर विवादों में है। मंगलवार को कई छात्रों ने कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार का घेराव कर परीक्षा विभाग में हो रही लापरवाहियों की शिकायतें दर्ज कराईं।

आरोप, छात्रों को गलत पते पर डिग्रियां भेजी गईं

छात्रों का आरोप है कि कई छात्रों को गलत पते पर डिग्रियां भेजी गईं। कुछ लिफाफों पर एक नाम था, जबकि अंदर किसी दूसरे छात्र की डिग्री मिली। पवन वर्मा नामक छात्र की डिग्री न विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में है, न कॉलेज के पास। आईजीआरएस पर शिकायत डालने पर भी विश्वविद्यालय की ओर से गलत जवाब अपलोड कर दिया गया।

विनीत चपराना, अंकित अधाना, रोहित गुर्जर, गौरव पाल, प्रमोद शेरगढ़ी, योगेश सैनी, दिवाकर सैनी, सौरभ राजपूत सहित अन्य छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य से भी मुलाकात कर गोपनीय विभाग में धांधली व अतिरिक्त वसूली के आरोप लगाए और सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

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जांच कराएंगे कि किस स्तर पर यह चूक हुई

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव ने कहा है कि विश्वविद्यालय से दो डिग्री जारी होना गंभीर मामला है। इसकी जांच कराएंगे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि छात्र ने पहले कॉलेज से डिग्री मांगी थी। वहां नहीं मिलने पर विश्वविद्यालय में आवेदन किया। इसी दौरान कॉलेज से डिग्री मिल जाने पर भी छात्र ने विश्वविद्यालय का आवेदन रद नहीं कराया। इसी बीच छात्र को यहां से भी डिग्री भेज दी गई।

दोनों आवेदन की अलग प्रक्रिया में दो अलग सीरियल नंबर की डिग्री एक ही छात्र की जारी हो गई। ऐसा नहीं होना चाहिए था। छात्रों को भी ध्यान रखना चाहिए कि यदि कॉलेज से डिग्री मिल जाए तो विश्वविद्यालय का आवेदन रद कराकर अपना रिफंड ले लेना चाहिए।