अब बरेली-सीतापुर हाईवे भी होगा 'सुपरफास्ट', NH 24 को 6 लेन बनाने की तैयारी, यात्रियों को जाम से मिलेगी मुक्ति
UP News: बरेली से लखनऊ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है। मुरादाबाद-बरेली और सीतापुर-लखनऊ खंड के बाद अब बरेली-स ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 02 Jan 2026 06:48:51 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Jan 2026 06:48:51 PM (IST)
NH 24 को 6 लेन बनाने की तैयारी।HighLights
- यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर का नया विस्तार
- बरेली-सीतापुर राजमार्ग बनेगा 6 लेन
- यात्रियों को जाम से मिलेगी मुक्ति
डिजिटल डेस्क। बरेली से लखनऊ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है। मुरादाबाद-बरेली और सीतापुर-लखनऊ खंड के बाद अब बरेली-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-24) को भी छह लेन (6-Lane) में तब्दील करने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही इस 156 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु निविदाएं आमंत्रित कर सकता है।
क्यों पड़ी छह लेन की जरूरत?
बरेली के रजऊ परसपुर से शुरू होकर शाहजहांपुर और हरदोई होते हुए सीतापुर तक जाने वाले इस मार्ग पर यातायात का दबाव पिछले तीन वर्षों में अभूतपूर्व तरीके से बढ़ा है।
- ट्रैफिक लोड: वर्तमान में इस मार्ग से प्रतिदिन 35 से 40 हजार वाहनों का आवागमन हो रहा है।
- कनेक्टिविटी: यह मार्ग दिल्ली-लखनऊ कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- सुरक्षा और सुविधा: वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और यात्रा समय घटाने के लिए इसका चौड़ीकरण अनिवार्य माना जा रहा है।
मंडलायुक्त की पहल और NHAI की तैयारी
मंगलवार को हुई मंडलीय बैठक में कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने NHAI के अधिकारियों के साथ इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- मुख्यालय को पत्राचार: कमिश्नर ने प्रोजेक्ट की जरूरत को देखते हुए NHAI के दिल्ली स्थित मुख्यालय को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
- कंसल्टेंट एजेंसी का चयन: चौड़ीकरण से पहले पूरे मार्ग का सर्वे किया जाएगा। इसके लिए एक पंजीकृत कंसल्टेंट एजेंसी नियुक्त की जाएगी जो DPR तैयार करेगी।
- बजट और मंजूरी: DPR के आधार पर ही मुख्यालय से बजट आवंटन और निर्माण की अंतिम मंजूरी प्राप्त होगी।
बरेली-सीतापुर हाईवे का अब तक का सफर
इस हाईवे के फोरलेन बनने की कहानी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है:
- शुरुआत: परियोजना 1 मार्च 2011 को ₹2601 करोड़ की लागत से शुरू हुई थी।
- चुनौतियां: काम शुरू करने वाली पहली कंपनी बीच में ही काम छोड़कर भाग गई थी।
- पूर्णता: 2019 में राज कारपोरेशन लिमिटेड को काम सौंपा गया और 2022 तक यह मार्ग पूरी तरह वाहनों के चलने लायक हो सका।
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मुरादाबाद से लखनऊ तक का विजन
बरेली-सीतापुर खंड को छह लेन करने की संभावना इसलिए भी प्रबल है क्योंकि इसके दोनों ओर के हिस्सों पर काम पहले ही शुरू हो चुका है:
- मुरादाबाद-बरेली: इस खंड को छह लेन करने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी हेतु टेंडर पहले ही निकल चुके हैं।
- सीतापुर-लखनऊ: दिल्ली मुख्यालय ने इस हिस्से की DPR के लिए निविदाएं आमंत्रित कर दी हैं।
- मिडल लिंक: बरेली-सीतापुर के छह लेन होते ही दिल्ली से लखनऊ तक का पूरा सफर बेहद सुगम और तेज हो जाएगा।
बरेली-सीतापुर मार्ग पर लगाता वाहनों की संख्या बढ़ रही है। इस कारण राजमार्ग को छह लेन किए जाने की जरूरत है। इस संबंध में एनएचएआइ के अधिकारियों से वार्ता की गई है। एनएचएआइ मुख्यालय को सड़क चौड़ीकरण कराने के संबंध में पत्र भेजा जाएगा।
- भूपेंद्र एस. चौधरी, मंडलायुक्त बरेली