
डिजिटल डेस्क। दुर्गा पूजा केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के अलग-अलग कोनों में बसे भारतीय समुदाय ने इसे वैश्विक मंच पर पहुंचा दिया है। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, अमेरिका और बांग्लादेश जैसे देशों में शरद नवरात्रि और दुर्गा उत्सव की रौनक ठीक वैसी ही होती है जैसी कोलकाता या दिल्ली में देखने को मिलती है।
भव्य पंडाल, मां दुर्गा की प्रतिमाएं, पारंपरिक ढाक की थाप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच इन देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय पूरे समर्पण के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के उन प्रमुख 5 देशों के बारे में, जहां दुर्गा पूजा का उत्सव बेहद खास और भव्य होता है...

भारत के पड़ोसी देश नेपाल में दुर्गा पूजा (Durga Puja) को 'दशैन' कहा जाता है, जो वहां का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार है। 10 दिनों तक मनाए जाने वाले इस उत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा पालन किया जाता है। दशैन के दौरान पूरा नेपाल भक्तिमय माहौल में डूब जाता है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य एक जगह जुटते हैं, बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं और साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं। इस राष्ट्रीय पर्व पर नेपाल में स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं।

भारत के बाद बांग्लादेश (Bangladesh Durga Puja) में सबसे बड़ी बंगाली हिंदू आबादी निवास करती है। यही वजह है कि यहां दुर्गा पूजा बेहद भव्य और विस्तृत रूप से मनाई जाती है। ढाका, चटगांव, सिलहट समेत देश के लगभग हर शहर और ग्रामीण इलाकों में आकर्षक पंडाल बनाए जाते हैं। खूबसूरत मूर्तियों की स्थापना, महाआरती और पुष्पांजलि के साथ लोग देवी दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

ब्रिटेन में रहने वाला भारतीय समाज, विशेषकर बंगाली एसोसिएशन, दुर्गा पूजा को बेहद प्रामाणिक अंदाज में आयोजित करता है। यहां स्थापित की जाने वाली देवी दुर्गा की मूर्तियां विशेष रूप से भारत से मंगवाई जाती हैं। पूजा के दिनों में पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रवींद्र संगीत, नृत्य और बंगाली व्यंजनों का आनंद लिया जाता है। भारत से आए जाने-माने कलाकार भी इन आयोजनों में प्रस्तुतियां देते हैं।

अमेरिका में बंगाली प्रवासियों की एक बड़ी संख्या बसती है। 1970 के दशक की शुरुआत में अमेरिका में शुरू हुआ दुर्गा पूजा का यह सिलसिला आज देश के सभी 50 राज्यों तक पहुंच चुका है। अमेरिका की प्रमुख बंगाली संस्थाएं और कम्युनिटी सेंटर्स 5 दिनों के इस उत्सव को पूरे नियम-कायदों के साथ मनाते हैं। वीकेंड्स पर विशेष पंडाल सजाए जाते हैं, जहां प्रवासी भारतीय एक साथ मिलकर पूजा करते हैं और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में दुर्गा पूजा की शुरुआत 1974 में सिडनी के न्यू साउथ वेल्स में महज 12 परिवारों ने मिलकर की थी। आज यह उत्सव ऑस्ट्रेलिया के सभी प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर आयोजित होता है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बंगाली समुदाय के साथ-साथ अन्य भारतीय प्रवासी भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। मेलबर्न के कीज़बोरो में होने वाली पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामुदायिक एकजुटता और आपसी मिलन का एक बड़ा जरिया बन चुकी है।
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