
डिजिटल डेस्क। डोनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होने पर एक रिपोर्ट ने उनके राष्ट्रपति पद और पारिवारिक बिजनेस के बीच गहरे संबंधों का चौंकाने वाला खुलासा किया है। 20 जनवरी 2025 को शपथ लेने के बाद से ही ट्रंप के नीतिगत फैसले और उनके वैश्विक कारोबार के बीच की रेखा धुंधली नजर आ रही है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में ट्रंप की टीम ने करीब 2 अरब डॉलर (18,000 करोड़ रुपये) का चंदा जुटाया है। इसमें 346 बड़े दानदाताओं ने 2.5 लाख डॉलर से अधिक का योगदान दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि इन चंदा देने वालों में से 100 लोगों ने व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ डिनर किया और उनके साथ आधिकारिक विदेश यात्राएं भी कीं। सुंदर पिचाई और सत्या नडेला जैसे दिग्गजों सहित लगभग 200 व्यापारियों को ट्रंप के फैसलों से सीधा लाभ पहुंचने का दावा किया गया है।
ट्रंप के पारिवारिक बिजनेस (रियल एस्टेट, क्रिप्टो, एआई और डिफेंस) को कई देशों से अभूतपूर्व लाभ मिला है। कतर ने ट्रंप को आलीशान बोइंग जेट तोहफे में दिया, वहीं UAE ने ट्रंप परिवार से जुड़ी फर्म से 16,600 करोड़ रुपये के स्टेबलकॉइन खरीदे। बदले में अमेरिका ने UAE को अत्याधुनिक एनवीडिया चिप्स की मंजूरी दी।
वियतनाम में ट्रंप-ब्रांडेड होटल और गोल्फ प्रोजेक्ट्स से करोड़ों का मुनाफा हुआ, जबकि अल्बानिया में इवांका ट्रंप से जुड़े लग्जरी होटल प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली। ओमान और मालदीव में ब्रांडिंग फीस के जरिए कमाई हुई, वहीं सऊदी क्राउन प्रिंस के साथ मीटिंग के बाद ट्रंप-ब्रांडेड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को बड़ा बूस्ट मिलने की संभावना है।