
डिजिटल डेस्क। वेनेजुएला की राजधानी काराकास से जुड़ी घटनाएं वैश्विक राजनीति में हलचल मचा रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में 150 से ज्यादा अमेरिकी फाइटर जेट्स काराकास में उतरे और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दुनिया भर के देशों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ उठाया गया कदम केवल एक देश के लिए नहीं, बल्कि उन सभी सरकारों और नेताओं के लिए संदेश है जो अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ जाने की कोशिश करते हैं।
मार्को रुबियो का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला पर कार्रवाई की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत में रुबियो ने कहा कि मादुरो वेनेजुएला का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह राय केवल अमेरिका की नहीं है, बल्कि ट्रंप के पहले कार्यकाल से लेकर जो बाइडन के कार्यकाल और इसके बाद भी यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों ने मादुरो को वैध राष्ट्रपति नहीं माना।
रुबियो ने यह भी बताया कि साल 2020 में मादुरो के खिलाफ अमेरिका में अभियोग दर्ज किया गया था और उन पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया गया था। उनके मुताबिक, मादुरो को कई बार स्थिति सुधारने का मौका दिया गया, लेकिन उन्होंने वही रास्ता चुना।
कार्रवाई की वजह क्या बताई गई?
मार्को रुबियो के अनुसार, मादुरो को यह गलतफहमी थी कि वह अमेरिका को लगातार चुनौती देते रहेंगे और कोई प्रतिक्रिया नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मादुरो ने ईरान को वेनेजुएला में प्रवेश का न्योता दिया, अमेरिकी तेल संपत्तियों पर कब्जा किया, अमेरिका में आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों को बढ़ावा दिया और अमेरिकी व्यापारिक हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
ट्रंप का जिक्र करते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति कोई दिखावटी नेता नहीं हैं। जब वह किसी कदम की बात करते हैं, तो उसे अमल में भी लाते हैं।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)