डिजिटल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय जापान (PM Modi Japan Visit) दौरे पर हैं, जहां उन्होंने भारत-जापान आर्थिक फोरम में भाग लिया। इस दौरान उनकी मुलाकात जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा से हुई। मुलाकात में आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा अहम विषय रहे।
जापान ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रधानमंत्री इशिबा ने साफ कहा कि इस हमले के अपराधियों, आयोजकों और वित्तपोषकों को तुरंत न्याय के कटघरे में लाना होगा। उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा (LET), जैश-ए-मोहम्मद (JEM), अलकायदा और ISIS/दाएश जैसे संगठनों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की सूचीबद्ध प्रतिबंधों के अनुरूप ठोस कार्रवाई करने का एलान किया।
#WATCH | ‘Modi san welcome’ chants by people as PM Narendra Modi reaches Sendai, Japan. pic.twitter.com/iNAes9dR1j
— ANI (@ANI) August 30, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने भी जोर दिया कि आतंकवादी वित्तपोषण चैनलों और अंतरराष्ट्रीय अपराध से जुड़े गठजोड़ को खत्म करना जरूरी है। पीएमओ की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं ने आतंकियों की सीमा पार आवाजाही को रोकने पर सहमति जताई। PM मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जिसका उल्लेख संयुक्त राष्ट्र की 29 जुलाई 2025 की रिपोर्ट में किया गया है।
इसके अलावा, बैठक में म्यांमार की स्थिति पर भी चर्चा हुई। भारत और जापान दोनों ने सभी पक्षों से हिंसा समाप्त करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने का आग्रह किया। दोनों नेताओं ने हाल ही में घोषित आपातकाल समाप्ति और चुनाव कराने की योजना का स्वागत किया और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की। उन्होंने पांच सूत्रीय सहमति के प्रभावी कार्यान्वयन का समर्थन किया और आसियान के प्रयासों की सराहना की।
भारत और जापान के बीच यह बैठक न केवल द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का प्रतीक रही, बल्कि आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता पर साझा दृष्टिकोण को भी स्पष्ट रूप से सामने लाने वाली साबित हुई।
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