• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • विदेश

पीओके में भारी बवाल: पुलिस और प्रतिबंधित संगठन JAAC में खूनी झड़प, 4 जवानों समेत 7 की मौत, इंटरनेट बंद

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सोमवार को हालात अचानक बिगड़ गए।

By Digital DeskEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Mon, 08 Jun 2026 03:47:30 PM (IST)Updated Date: Mon, 08 Jun 2026 03:47:30 PM (IST)
पीओके में भारी बवाल: पुलिस और प्रतिबंधित संगठन JAAC में खूनी झड़प, 4 जवानों समेत 7 की मौत, इंटरनेट बंद
पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प में सात की मौत

HighLights

  1. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक टकराव
  2. झड़पों में सात लोगों की मौत, दर्जनों घायल
  3. इंटरनेट सेवाएं बंद, सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ी

डिजिटल डेस्क। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सोमवार को हालात अचानक बिगड़ गए, जब पुलिस और प्रतिबंधित संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों के बीच हिंसक टकराव हो गया। झड़पों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा हिंसा रावलकोट क्षेत्र में देखने को मिली, जहां तनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

तीन नागरिकों की जान गई है और करीब 40 लोग घायल

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, हिंसा में तीन नागरिकों की जान गई है और करीब 40 लोग घायल हुए हैं। वहीं पुलिस विभाग का कहना है कि हालात नियंत्रित करने के दौरान चार पुलिसकर्मियों की भी मौत हुई और 23 जवान घायल हो गए।


JAAC के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले टकराव

दरअसल, यह टकराव JAAC के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले हुआ। प्रशासन ने हाल ही में इस संगठन पर सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद संगठन ने अपने आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं।

मंगलवार को प्रस्तावित प्रदर्शन में संगठन के एक प्रमुख नेता की मौत, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और संगठन पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध किया जाना था। इसके अलावा स्थानीय लोग बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और क्षेत्र की उपेक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भी नाराज हैं।

संसाधनों का दोहन किया जा रहा

विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, जबकि उन्हें पर्याप्त अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कुछ समूहों ने शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों को लेकर भी सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक हस्तक्षेप का माध्यम बताया है।

तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पूरे पीओके में इंटरनेट और दूरसंचार सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। वहीं मुजफ्फराबाद समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन ने भी 5 जून से 20 जून के बीच पर्यटकों को इस क्षेत्र की यात्रा न करने की चेतावनी जारी की है।

यह भी पढ़ें- 781 साल तक चला दुनिया का सबसे लंबा युद्ध, आठ सदियों तक लड़े ईसाई-मुस्लिम शासक; जानिए किसकी हुई थी जीत