
डिजिटल डेस्क। नेपाल के डोल्पा जिले में स्थित प्रसिद्ध शे-फोक्सुंडो नेशनल पार्क क्षेत्र में मौसम अचानक बिगड़ने और भीषण हिमपात होने के कारण छह भारतीय नागरिक फंस गए हैं। शनिवार दोपहर से बर्फबारी के बीच फंसे इन सैलानियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चला रहा है।
डोल्पा की मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) जूनू धाकल के अनुसार, दल में दो महिला यात्री भी शामिल हैं। यह समूह शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 8 में स्थित 'धो' क्षेत्र की ओर गया था, जो मौजूदा समय में पूरी तरह बर्फ की मोटी चादर में तब्दील हो चुका है।
स्थानीय गाइड और सुरक्षा बलों द्वारा खराब मौसम को देखते हुए आगे न बढ़ने की स्पष्ट हिदायत दी गई थी, लेकिन पर्यटकों ने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और गाइड को पीछे छोड़कर दुर्गम इलाके की ओर बढ़ गए। शनिवार देर शाम गाइड ने प्रशासन को उनके बर्फ में घिरे होने की सूचना दी, जिसके बाद रविवार तड़के से पर्यटकों से सीधा संपर्क टूट गया।
सीडीओ धाकल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पर्यटकों को 'लापता' की श्रेणी में नहीं रखा गया है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी सटीक मौजूदगी वाले स्थल को चिह्नित कर लिया है। बेहद ऊंचाई और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण जमीनी रास्ते से पहुंचना कठिन हो रहा है, इसलिए सेना के विशेष हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि सैन्य दल जल्द ही सभी को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लेगा।
प्रशासनिक विज्ञप्ति के मुताबिक, बर्फीले इलाके में फंसे नागरिकों की पहचान मौमिता हलदर, पियाली कोले, जज्ला त्रिवेदी कुमार, आदित्य सिन्हा, डिप्लोना बिस्वास और राजेश डे के रूप में की गई है। 3,600 मीटर की ऊंचाई पर अवस्थित शे-फोक्सुंडो देश की सर्वाधिक गहरी (करीब 145 मीटर) झील मानी जाती है, जहां अक्टूबर-नवंबर के दौरान तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है और अचानक बर्फबारी का जोखिम बना रहता है।
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