
डिजिटल डेस्क। दुनिया में संस्कृतियों और खान-पान की विविधता की कोई कमी नहीं है, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी देश में मिट्टी को मसाले की तरह खाया जाता है? ईरान का होर्मुज आइलैंड (Hormuz Island) एक ऐसी ही जगह है, जो अपनी खूबसूरती के साथ-साथ अपनी अजीबोगरीब परंपरा के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां लोग ब्रेड और मछली के साथ मिट्टी को बड़े चाव से खाते हैं।
ईरान के दक्षिण में फारस की खाड़ी पर स्थित इस द्वीप को 'रैनबो आइलैंड' भी कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ की जमीन और पहाड़ों में 70 से भी ज्यादा रंग पाए जाते हैं। लाल, पीला, नारंगी और बैंगनी रंगों से सराबोर यह द्वीप देखने में बिल्कुल मंगल ग्रह (Mars) की तरह लगता है। यहाँ के पहाड़ और नदियाँ किसी पेंटिंग की तरह सुंदर दिखाई देते हैं।
होर्मुज आइलैंड की लाल मिट्टी सिर्फ सजावट के लिए नहीं, बल्कि खाने के जायके के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ के स्थानीय लोग इस मिट्टी को एक खास मसाले के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
स्वाद: इस मिट्टी का स्वाद हल्का नमकीन और थोड़ा मीठा होता है।
खनिज भंडार: शोध के मुताबिक, यहाँ की मिट्टी आयरन और अन्य खनिजों (Minerals) से भरपूर है। इसमें लगभग 70 प्रतिशत खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं।
मिट्टी खाने की यह प्रथा कोई नई नहीं है, बल्कि सैकड़ों साल पुरानी है। जानकारों के मुताबिक, प्राचीन समय में जब नमक और मसालों की कमी होती थी, तब यहाँ के लोगों ने स्वाद बढ़ाने और शरीर में खनिजों की कमी को पूरा करने के लिए इस मिट्टी का उपयोग करना शुरू किया था। आज भी यहाँ की पारंपरिक डिश 'सोराघ' (Suragh) में इस मिट्टी का इस्तेमाल प्रमुखता से किया जाता है।
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भूवैज्ञानिक (Geological) दृष्टि से बेहद संवेदनशील होने के कारण ईरानी सरकार ने यहाँ की मिट्टी और पत्थरों को बाहर ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को भी सख्त हिदायत दी जाती है कि वे प्राकृतिक संसाधनों के साथ छेड़छाड़ न करें। स्थानीय लोग इस द्वीप और इसकी मिट्टी को अपनी अनमोल धरोहर मानते हैं।
अपने अनूठे खान-पान और 'इंद्रधनुषी' नजारों के कारण होर्मुज आइलैंड दुनिया भर के वैज्ञानिकों और पर्यटकों के लिए शोध और सैर-सपाटे का मुख्य केंद्र बना हुआ है। जो लोग दुनिया की अजीबोगरीब परंपराओं को देखने के शौकीन हैं, उनके लिए यह द्वीप किसी अजूबे से कम नहीं है।