युद्ध की धमकी के बाद अब ट्रंप ने ईरान को कहा 'थैंक्यू', आखिर क्यों बदले US राष्ट्रपति के सुर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तल्खी के बीच एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अपनी सख्त बयानबाजी के लिए मश ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Jan 2026 09:33:08 AM (IST)Updated Date: Sat, 17 Jan 2026 09:33:08 AM (IST)
ट्रंप ने ईरान सरकार को थैंक्यू कहा।HighLights
- ट्रंप का धमकियों से लेकर 'थैंक्यू' तक का सफर।
- क्यों और कैसे बदल रहे हैं द्विपक्षीय समीकरण।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट।
डिजिटल डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तल्खी के बीच एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अपनी सख्त बयानबाजी के लिए मशहूर राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान सरकार के एक बड़े फैसले का स्वागत करते हुए उन्हें 'धन्यवाद' कहा है।
यह बदलाव तब आया जब ईरान ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए 800 से अधिक लोगों की फांसी की सजा को रद्द करने का फैसला किया। ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट 'फैसले का सम्मान करता हूँ'
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरानी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'मैं इस बात का बहुत सम्मान करता हूं कि ईरान के नेतृत्व ने कल होने वाली सभी निर्धारित फांसी (800 से अधिक) को रद कर दिया है। धन्यवाद!'
विशेषज्ञ इसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत मान रहे हैं, क्योंकि इससे पहले ट्रंप प्रशासन ईरान के प्रति बेहद कड़ा रुख अपनाए हुए था।
धमकियों से लेकर 'थैंक्यू' तक का सफर
ईरान में आर्थिक बदहाली और सरकार की नीतियों के खिलाफ हो रहे राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि हताहत और गिरफ्तारियां: ईरानी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में 2,000 से अधिक लोगों की मौत हुई और 10,000 से ज्यादा लोगों को जेल में डाल दिया गया।
अमेरिका का स्टैंड
शुरुआत में ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया था और ईरानी सरकार को मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी तक दी थी।
क्या बदल रहे हैं द्विपक्षीय समीकरण?
ईरान द्वारा एक साथ 800 लोगों की फांसी टालने के फैसले को अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक असंतोष को शांत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप के इस सकारात्मक संदेश ने इन कयासों को हवा दे दी है कि क्या पर्दे के पीछे दोनों देशों के बीच कोई बातचीत चल रही है।