World Population 2022: 8 अरब हुई विश्व की आबादी, 2050 तक 9.7 बिलियन होने की उम्मीद
World Population 2022: विल्सन सेंटर थिंक टैंक के शोध के मुताबिक प्रजनन क्षमता में गिरावट के कारण वर्ष 2022 से 2050 के बीच 61 देशों की जनसंख्या में 1% ...और पढ़ें
By Kushagra ValuskarEdited By: Kushagra Valuskar
Publish Date: Wed, 09 Nov 2022 11:33:16 AM (IST)Updated Date: Tue, 15 Nov 2022 11:16:00 AM (IST)
World Population 2022: विल्सन सेंटर थिंक टैंक के शोध के मुताबिक प्रजनन क्षमता में गिरावट के कारण वर्ष 2022 से 2050 के बीच 61 देशों की जनसंख्या में 1% या उससे अधिक की कमी हो सकती है। 2050 तक धरती पर मनुष्यों की संख्या 9.7 अरब होगी।World Population 2022: आज (मंगलवार) 15 नवंबर को धरती की आबादी 8 अरब हो जाएगी। वहीं साल 2023 तक 8.5 अरब तक पहुंच सकती है। डेली मेल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इंसानों की जनसंख्या साल 2100 तक 10.4 अरब होने का अनुमान है। पिछले कुछ सालों में कई देशों में जीवन प्रत्याशा में वृद्धि हुई है। वहीं कई स्थानों पर लैंगिग अनुपात के साथ जन्म और मौत के आंकड़े हैरान कर देने वाले हैं। 1950 से अब तक दुनिया की आबादी कितनी बढ़ी है। आइए विस्तार से जानते हैं।
ग्लोबल वार्मिंग को रोकना जरूरी
विल्सन सेंटर थिंक टैंक के शोध के मुताबिक प्रजनन क्षमता में गिरावट के कारण वर्ष 2022 से 2050 के बीच 61 देशों की जनसंख्या में 1% या उससे अधिक की कमी हो सकती है। एनजीओ पॉपुलेशन मैटर्स के कार्यकारी निदेशक रॉबिन मेनार्ड ने अनुसार जनसंख्या की दर में कमी लाने की आवश्यकता है। एनजीओ प्रोजेक्ट ड्रॉडाउन ने कहा, 'धरती पर संसाधनों को लंबे वक्त तक बचाने के लिए ग्लोबल वार्मिंग को रोकना जरूरी है।'
2050 तक 9.7 अरब होगी जनसंख्या
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 2050 तक धरती पर मनुष्यों की संख्या 9.7 अरब होगी। वहीं संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा, 'आने वाले दशकों में जनसंख्या में बढ़ोतरी जारी रहेगी। 65 साल और उससे अधिक आयु में वैश्विक जनसंख्या का हिस्सा 2022 में 10 प्रतिशत से बढ़कर 2050 में 16 प्रतिशत होने का अनुमान है। यूएन ने कहा, वृद्ध आबादी वाले देशों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीनियर सिटीजन की बढ़ती संख्या के अनुकूल बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए।
कोरोना वायरस ने किया प्रभावित
मृत्यु दर में और कमी के परिणामस्वरूप 2050 में करीब 77.2 सालों की औसत वैश्विक दीर्घायु होने का अनुमान है। वहीं कोरोना महामारी ने जनसंख्या परिवर्तन के सभी तीन घटकों को प्रभावित किया है। 2021 में जन्म के समय वैश्विक जीवन प्रत्याशा गिरकर 71.0 साल हो गई। कुछ देशों में वायरस की लगातार लहरों ने गर्भधारण और जन्म की संख्या को प्रभावित किया है। 1950 से 2022 तक दुनिया की आबादी में करीब 3 गुना वृद्धि हुई है।