200 कमाने वाले भी थे 'अमीर'! भारत के पहले बजट का वो सच जिसे जानकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे
अगले महीने यानी फरवरी की पहली तारीख को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही हैं, लेकिन भारत के बजट (History of First Budget in India) का इ ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Jan 2026 02:23:19 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Jan 2026 02:23:19 PM (IST)
India's First Budget 1860: भारत का पहला बजटHighLights
- ₹200 से ज्यादा सालाना कमाई पर लगता था इनकम टैक्स
- स्कॉटिश जेम्स विल्सन ने पेश किया था पहला बजट और टैक्स कानून
- 1857 के विद्रोह के घाटे को भरने के लिए अंग्रेजों ने लगाया था टैक्स
बिजनेस डेस्क। अगले महीने यानी फरवरी की पहली तारीख को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही हैं, लेकिन भारत के बजट (History of First Budget in India) का इतिहास 166 साल पुराना है। भारत का पहला बजट किसी भारतीय ने नहीं, बल्कि एक स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने पेश किया था। आइए जानते हैं उस दौर के दिलचस्प टैक्स नियम...
टैक्स की शुरुआत: 1857 की क्रांति का 'जुर्माना'
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम ने ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक कमर तोड़ दी थी। सैन्य खर्च इतना बढ़ गया था कि खजाना खाली हो गया। इस घाटे की भरपाई के लिए 28 नवंबर 1859 को जेम्स विल्सन को भारत बुलाया गया। उन्होंने 7 अप्रैल 1860 को देश का पहला बजट पेश किया और 'इनकम टैक्स' की नींव रखी।
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कितनी आय पर लगता था टैक्स?
आज के दौर में जहां लाखों की आय पर छूट मिलती है, 1860 में नियम बेहद कड़े थे...
- टैक्स फ्री सीमा: जिन लोगों की सालाना आय ₹200 से कम थी, उन्हें टैक्स से छूट दी गई थी।
- टैक्स का दायरा: ₹200 से ज्यादा कमाने वाले हर व्यक्ति को सरकार को टैक्स देना पड़ता था।
- टैक्स की दर: उस वक्त आय पर 2% से 4% तक का टैक्स लगाया गया था।
- रोचक तथ्य: जेम्स विल्सन ने टैक्स लगाने के पीछे यह तर्क दिया था कि ब्रिटिश शासन भारतीयों को व्यापार के लिए एक 'सुरक्षित माहौल' दे रहा है, इसलिए इस सुरक्षा के बदले फीस (टैक्स) लेना जायज है।
टैक्स वसूली के 4 मुख्य आधार
विल्सन ने टैक्स को चार अलग-अलग श्रेणियों (Schedules) में बांटा था...
- जमीन से आय
- व्यापार और प्रोफेशन
- सरकारी और अन्य सिक्योरिटीज
- सैलरी (वेतन)
- इस व्यवस्था से ब्रिटिश सरकार को उस समय ₹30 लाख की भारी-भरकम कमाई हुई थी।
विल्सन की अन्य बड़ी देन
जेम्स विल्सन केवल टैक्स ही नहीं लाए थे, उन्हें भारत में पेपर करेंसी (कागजी नोट) की शुरुआत करने का श्रेय भी जाता है। उनकी इसी ऐतिहासिक पहल को याद रखने के लिए भारत में हर साल 24 जुलाई को 'इनकम टैक्स दिवस' मनाया जाता है।
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