प्राइवेट कर्मचारियों को कब और कैसे मिलती है पेंशन? पढ़ें 10 साल की सर्विस और 58 की उम्र का क्या है गणित
EPFO Pension Rules: निजी क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ (EPFO) की पेंशन योजना एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है, लेकिन इसके पे ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Jan 2026 05:03:45 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Jan 2026 05:03:45 PM (IST)
प्राइवेट कर्मचारियों को कब और कैसे मिलती है पेंशन?HighLights
- प्राइवेट कर्मचारियों के किस उम्र में मिलती है पेंशन
- 10 साल से पहले छोड़ दी नौकरी तो क्या मिलेगी पेंशन
- 10 साल की सर्विस और 58 की उम्र का क्या है गणित
बिजनेस डेस्क। निजी क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ (EPFO) की पेंशन योजना एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है, लेकिन इसके पेचीदा नियमों के कारण अक्सर लोग असमंजस में रहते हैं। रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए ईपीएस (EPS) के गणित को समझना बेहद जरूरी है।
आइए जानते हैं कि आपके पीएफ का पैसा पेंशन में कैसे बदलता है और इसके लिए किन शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है।
ईपीएफ बनाम ईपीएस: अंतर को समझें
जब आपकी सैलरी से पीएफ कटता है, तो वह दो अलग-अलग खातों में जाता है:
- ईपीएफ (EPF): इसमें आपकी और कंपनी की हिस्सेदारी जमा होती है, जिस पर सालाना ब्याज मिलता है। इसे आप पासबुक में देख सकते हैं।
- ईपीएस (EPS): कंपनी के योगदान का 8.33% हिस्सा इस पूल में जाता है। यही वह फंड है जिससे आपको बुढ़ापे में पेंशन मिलती है।
पेंशन पाने के लिए 2 सबसे बड़ी शर्तें
प्राइवेट नौकरी में पेंशन का हकदार बनने के लिए आपको इन दो नियमों का पालन करना होगा:
- 10 साल की सेवा: मंथली पेंशन पाने के लिए न्यूनतम 10 साल की 'पेंशन योग्य सेवा' अनिवार्य है। यदि आप नौकरी बदलते हैं, तो अपना पीएफ ट्रांसफर करना न भूलें ताकि आपकी सर्विस के साल जुड़ते रहें।
- 58 साल की उम्र: नियम के अनुसार, 58 साल की उम्र पूरी होने पर ही नियमित पेंशन शुरू होती है।
क्या समय से पहले भी मिल सकती है पेंशन?
ईपीएफओ सदस्यों को उम्र के आधार पर कुछ विकल्प देता है:
- अर्ली पेंशन (Early Pension): यदि आप 50 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं और 10 साल की सर्विस हो गई है, तो आप पेंशन शुरू करवा सकते हैं। हालांकि, हर साल के बदले आपकी पेंशन की राशि 4% कम कर दी जाएगी।
डेफर्ड पेंशन (Deferred Pension): यदि आप 58 के बजाय 60 साल की उम्र में पेंशन शुरू करते हैं, तो आपको मिलने वाली राशि में सालाना 4% की बढ़ोतरी होती है। 10 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर क्या होगा?
कई बार कर्मचारी 10 साल की सर्विस पूरी करने से पहले ही जॉब छोड़ देते हैं। ऐसी स्थिति में:
- आपको हर महीने पेंशन नहीं मिलेगी।
- आप विड्रॉल बेनिफिट (Withdrawal Benefit) के हकदार होंगे। ईपीएफओ एक निर्धारित टेबल के आधार पर आपकी सर्विस के वर्षों को सैलरी से गुणा करके एकमुश्त (Lumpsum) पैसा वापस कर देता है।
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पेंशन का गणित: कितनी मिलेगी रकम?
- पेंशन की राशि आपके 'पेंशन योग्य वेतन' और 'सेवा के वर्षों' पर निर्भर करती है।
- पेंशन फॉर्मूला: (औसत वेतन × सेवा के वर्ष) / 70
चूंकि वर्तमान में पेंशन योग्य वेतन की अधिकतम सीमा (Wage Ceiling) ₹15,000 निर्धारित है, इसलिए अधिकांश मामलों में पेंशन की गणना इसी लिमिट पर आधारित होती है, भले ही आपकी वास्तविक सैलरी लाखों में हो।