
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। आज कल यूपीआई पर हर कोई डिपेंड हो गया है। ऐसे में अगर लेन देन पर चार्ज लगने लगेगा तो आम आदमी परेशान हो जाएगा। इसलिए आम आदमी अगर 2000 से ऊपर का ट्रांजैक्शन कर रहा है तो उस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
अगर आप दूध वाले, सब्जी वाले, अपने दोस्त, रिश्तेदार या किसी को भी यूपीआई से पैसे भेजते हैं, तो आपको एक भी पैसा एक्सट्रा नहीं देना होगा। आम आदमी जितनी बार चाहे किसी को भी पैसे भेज सकता है।
सरकार ने कहा है कि 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट पेमेंट्स (P2M) पर 0.4% चार्ज लगेगा, जिसका सीधा असर केवल बड़े कारोबारियों पर पड़ेगा. ये नियम 15 अक्टूबर से लागू होगा।
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने रेलवे, टेलीकॉम सर्विस, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी मर्चेंट कैटेगरी के लिए ट्रांजैक्शन पर कुछ मिनीमम चार्ज लगाया है लेकिन ये पैसे आपको नहीं देने होंगे आइये डिटेल्स में समझते है।
रेलवे पेमेंट को मर्चेंट कैटेगरी में रखा गया है। इसका मतलब रेलवे भुगतान में अगर आपने 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI ट्रांजैक्शन किया तो 5 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन का फिक्स्ड MDR होगा। इसका मतलब ये नहीं है कि अगर आप 3000 या 10000 की रेलवे टिकट बुक करते है तो आपको 5 रुपए एक्सट्रा देना होगा। आपको कुछ नहीं देना होगा, ये पेमेंट रेलवे का मर्चेंट करेगा।
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अगर आप UPI के जरिए पेट्रोल पंप पर 2,000 रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन करते है, तो आपको प्रति लेनदेन केवल 5 रुपये का फिक्स्ड MDR देना होगा।
अगर आप पूरे साल का रिचार्ज एक साथ करते है तो 2,000 रुपये से अधिक का पेमेंट करने पर आपको एमडीआर 5 रुपये एक्स्ट्रा देने होंगे।
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इंश्योरेस प्रीमियम
इसी तरह बीमा प्रीमियम में भी 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर प्रति लेनदेन 5 रुपये का फिक्स्ड MDR लागू होगा।