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बिजनेस डेस्क। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर इन दिनों चर्चा तेज है। खासतौर पर अमेरिका में टैरिफ को लेकर हो रही बयानबाजी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित भारी टैरिफ की बातों के बीच यह जानना जरूरी हो जाता है कि भारत असल में अमेरिका से क्या-क्या खरीदता है। आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका भारत के लिए केवल टेक्नोलॉजी या रक्षा उपकरणों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई चीजें भी वहीं से आती हैं।
ट्रेड इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में भारत ने अमेरिका से करीब 39 अरब डॉलर का आयात किया। इसमें खाने-पीने की चीजों से लेकर प्रोसेस्ड फूड और प्रीमियम पेय पदार्थ तक शामिल हैं, जिनकी मांग भारतीय बाजार में लगातार बढ़ रही है।
भारतीय बाजार की बड़ी जरूरत
अमेरिका के कैलिफोर्निया में पैदा होने वाले बादाम भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले आयातित मेवों में शामिल हैं। त्योहारों से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल तक, बादाम की खपत लगातार बढ़ी है। इसके अलावा अखरोट, पिस्ता और अमेरिकी सेब भी बड़ी मात्रा में भारत मंगवाए जाते हैं। इस पूरे सेगमेंट का आयात करीब 9,700 करोड़ रुपये के आसपास है, जो दिखाता है कि भारतीय उपभोक्ता विदेशी मेवों और फलों पर कितना निर्भर हो चुके हैं।
प्रीमियम सेगमेंट की बढ़ती मांग
भारत के बड़े शहरों में अमेरिकी व्हिस्की और वाइन की मांग तेजी से बढ़ी है। खासतौर पर प्रीमियम व्हिस्की ब्रांड्स की खपत मेट्रो सिटीज में लगातार बढ़ रही है। अनुमान के मुताबिक, भारत हर साल अमेरिका से लगभग 3,920 करोड़ रुपये की शराब और पेय पदार्थ आयात करता है। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय बाजार में विदेशी ब्रांड्स की पकड़ कितनी मजबूत हो चुकी है।
विदेशी सब्जियां
अमेरिका से प्रोसेस्ड आलू, फ्रोजन फूड और कुछ खास किस्म की विदेशी सब्जियां भी भारत आती हैं। फास्ट फूड चेन और होटल इंडस्ट्री में इन उत्पादों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। इसके अलावा चॉकलेट, कैंडी और नाश्ते में इस्तेमाल होने वाले सीरियल्स और ओट्स जैसे उत्पाद भी अमेरिकी कंपनियों के जरिए भारतीय रसोई तक पहुंच रहे हैं।
पैकेज्ड और रेडी-टू-ईट फूड
ऑनलाइन शॉपिंग और आधुनिक लाइफस्टाइल के चलते पैकेज्ड फूड की मांग तेजी से बढ़ी है। अमेरिका से आने वाले रेडी-टू-ईट भोजन, सॉस और डिब्बाबंद फल अब भारत के ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजारों में आसानी से उपलब्ध हैं। शहरी उपभोक्ताओं के बीच इन उत्पादों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, अमेरिका से भारत का आयात केवल एक या दो सेक्टर तक सीमित नहीं है। खाने-पीने की चीजों से लेकर प्रीमियम लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स तक, भारत अमेरिकी बाजार पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में टैरिफ से जुड़े किसी भी बड़े फैसले का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं और बाजार पर पड़ सकता है।
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