Elephant Attack Ambikapur: नशे में होने से भाग नहीं पाया ग्रामीण, हाथी ने कुचलकर मार डाला
रेंजर प्रजापति ने बताया कि क्षेत्र में चार हाथियों का दल सक्रिय है जिनके ऊपर गजराज वाहन व हाथी मित्र दल के साथ वन अमला लगातार निगरानी कर रहा है। ...और पढ़ें
By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 27 Sep 2023 01:29:35 PM (IST)Updated Date: Wed, 27 Sep 2023 01:29:35 PM (IST)
घटनास्थल पर पड़ा ग्रामीण का शवHighLights
- घुई रेंज के जजावल क्षेत्र की घटना
- सूंड़ में लपेटकर नीचे पटका फिर पैरों से कुचल दिया
- बाकी तीन साथी जान बचाकर भाग निकले
अंबिकापुर। सूरजपुर वन मंडल में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथी इंसानों की जान लेने के साथ ही गन्ने एवं धान की फसलों को भी नुक़सान पहुंचा रहे हैं। इसी कड़ी में वन परिक्षेत्र घुई अंतर्गत वन क्षेत्र जजावल के झिलमिला जंगल में जंगली हाथी ने एक ग्रामीण को कुचलकर मार डाला।
घुई के वन परिक्षेत्र अधिकारी रामजनम प्रजापति ने बताया कि मंगलवार को ग्राम धूमाडांड़ का रहने वाला सुधु कोड़ाकू पिता रामा उम्र 58 वर्ष अपने अन्य तीन साथियों के साथ अपने घर से झिलमिला जंगल से होते हुए जजावल गया था। जहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शराब का सेवन किया। इसके पश्चात चारों लोग शाम सात बजे के आसपास झिलमिला जंगल से होते हुए वापस धूमाडांड़ की ओर जाने के लिए निकले।
जंगल में अचानक उनका सामना एक जंगली हाथी से हो गया। अचानक हाथी को सामने देख बाकी के तीन लोग तो जैसे तैसे कर भागने में सफल हो गए पर अत्यधिक शराब के सेवन के कारण नशे में धुत्त सुधु कोड़ाकू नहीं भाग सका और हाथी ने पहले तो उसे अपनी सूंड़ में लपेटकर नीचे पटका फिर पैरों से कुचल दिया जिसके कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर रात में ही वन विभाग व चंदौरा हाइवे पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी।
जहां वन विभाग ने घटनास्थल का मुआयना कर उपस्थित ग्रामीणों के समक्ष घटना से संबंधित एक पंचनामा तैयार किया तथा मृतक के स्वजनों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में पच्चीस हजार प्रदान किए। वन विभाग ने मृतक के शव को रात में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर पहुंचा दिया था।
सुबह बीएमओ डा. विजय सिंह आयम की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम हुआ इसके पश्चात शव स्वजनों को सौंप दिया गया। रेंजर प्रजापति ने बताया कि क्षेत्र में चार हाथियों का दल सक्रिय है जिनके ऊपर गजराज वाहन व हाथी मित्र दल के साथ वन अमला लगातार निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों को जंगल न जाने की समझाइश दी जा रही है।