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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बलरामपुर जिले में 10 साल के मासूम बच्चे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, परिवार में शोक की लहर

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज से एक स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आ रही है। शहर के एक 10 साल के बच्चे ने अचानक फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इतने छोटे बच...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Wed, 08 Oct 2025 10:12:10 AM (IST)Updated Date: Wed, 08 Oct 2025 10:19:36 AM (IST)
बलरामपुर जिले में 10 साल के मासूम बच्चे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, परिवार में शोक की लहर
बच्चे ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

नईदुनिया प्रतिनिधि, रामानुजगंज: नगर में एक 10 वर्षीय बालक के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की हृदयविदारक घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। भारत जसवंत रवि का 10 वर्षीय पुत्र हार्दिक रवि जो पांचवीं में अध्ययनरत था, उसने सोमवार शाम घर के एक कमरे में फांसी लगा ली।

पुलिस घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम हार्दिक अपने भाई-बहनों के साथ खेल रहा था। शाम साढ़े छह बजे के बीच वह अचानक घर के एक कमरे में चला गया । कुछ देर बाद जब उसका भाई उसे बुलाने गया तो उसने देखा कि हार्दिक फंदे से लटका हुआ है। यह दृश्य देखकर वह घबरा गया और तुरंत घर के अन्य सदस्यों को सूचना दी।


उस समय हार्दिक के माता-पिता, भारत जसवंत रवि एवं उनकी पत्नी, किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। घटना की खबर मिलते ही पिता तत्काल घर पहुंचे और बच्चे को अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद हार्दिक को मृत घोषित कर दिया।

परिवार में कोहराम, नगर में मातम

घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों में भी शोक का माहौल व्याप्त है। मासूम के आत्महत्या जैसे कदम ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। अभिभावकों और समाज के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है कि इतनी कम उम्र में बच्चा ऐसा कठोर कदम क्यों उठाता है।

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मनोविज्ञानी पहलुओं पर देना होगा ध्यान

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों की भावनाओं और परेशानियों को समय रहते समझा जाए।