बस्तर में खाद के नाम पर किसान से फर्जीवाड़ा, KCC खातों से उड़े पैसे, सहकारिता विभाग ने दिए जांच के निर्देश
बस्तर के बकावंड (कचनार लैम्पस) में किसानों के केसीसी खातों से फर्जी हस्ताक्षर कर खाद के नाम पर अनधिकृत निकासी का मामला सामने आया है। कलेक्टर से शिकायत के बाद 12 बिंदुओं पर जांच शुरू हो गई है।
Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 08:51:18 AM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 08:51:18 AM (IST)
बस्तर में खाद के नाम पर किसान से फर्जीवाड़ा। (फाइल फोटो)HighLights
- बकावंड के कचनार लैम्पस में किसानों से धोखाधड़ी का आरोप।
- केसीसी खातों से फर्जी हस्ताक्षर कर निकाली गई खाद की रकम।
- एक किसान के खाते से 11 हजार, दूसरे से 28 हजार निकले।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बस्तर। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम कचनार स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति (लैम्पस) में किसानों के साथ कथित धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है।
किसानों ने समिति प्रबंधन पर केसीसी खातों से बिना अनुमति राशि निकालने, फर्जी हस्ताक्षर के जरिए खाद का आहरण दर्शाने और खाद वितरण में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत के बाद सहकारिता विभाग ने 12 बिंदुओं पर जांच के निर्देश जारी किए हैं।
बिना खाद खरीदे खाते से कटे पैसे
मामले में ग्राम बेड़ाउमरगांव निवासी किसान श्याम लाल कश्यप ने 3 नवंबर को अपना लिखित बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को उनके जिला सहकारी बैंक खाते से 11 हजार 359 रुपये 70 पैसे के खाद आहरण का संदेश मोबाइल पर प्राप्त हुआ, जबकि उन्होंने न तो खाद खरीदी थी और न ही किसी प्रकार का आहरण किया था।
जानकारी लेने पर जिला सहकारी बैंक शाखा बकावंड में पता चला कि लैम्पस कचनार द्वारा उनके नाम पर खाद वितरण दर्ज किया गया है। किसान के अनुसार, खाद आहरण से संबंधित परमिट रसीद पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
अन्य किसानों के साथ भी धोखाधड़ी, थाने में शिकायत दर्ज
- इसी तरह एक अन्य शिकायत में करीब 28 हजार रुपये की अनधिकृत निकासी का मामला भी सामने आया है। वहीं, किसान हरदेव यादव ने धान खरीदी सत्र 2025-26 में धान विक्रय नहीं हो पाने और एग्रीस्टैक से संबंधित परेशानियों को लेकर शिकायत की है।
पीड़ित किसानों का आरोप है कि समिति के प्रबंधक और ऑपरेटर से शिकायत करने के बावजूद कई दिनों तक उन्हें टालमटोल कर परेशान किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर किसानों ने 27 अक्टूबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। सहकारिता विभाग ने दिए 12 बिंदुओं पर जांच के निर्देश
किसानों के लिखित बयान के आधार पर कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, जगदलपुर ने 2 नवंबर को जांच संबंधी निर्देश जारी किए। इसमें संबंधित पक्षों को 3 नवंबर को सुबह 11 बजे लैम्पस कचनार में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। जांच में केसीसी खातों से अनधिकृत निकासी, फर्जी हस्ताक्षर से खाद आहरण, समिति संचालन में बाहरी हस्तक्षेप और वित्तीय अनियमितताओं सहित कुल 12 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है।
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कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
- किसानों ने कलेक्टर बस्तर को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा वर्तमान प्रबंधक को पद से हटाकर नए प्रबंधक की नियुक्ति करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जांच के दौरान बैंक स्टेटमेंट, केसीसी लेनदेन, खाद स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, प्राप्ति रसीद और हस्ताक्षरों का मिलान किया जाना जरूरी है।
- सहकारिता आयुक्त राकेश शर्मा द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद अब किसानों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल दो किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला नहीं, बल्कि क्षेत्र के गरीब और आदिवासी किसानों के अधिकारों के साथ गंभीर खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों पर कब तक कार्रवाई होती है।