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Cyber Fraud: इंटरनेट से नंबर सर्च कर किया फोन, बंद स्ट्रीट लाइट की शिकायत करने में बुजुर्ग दंपती से 5.91 लाख की ठगी

CG Fraud: छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। रिसाली क्षेत्र के एक बुजुर्ग दंपती ने स्ट्रीट लाइट बंद होने की ऑनलाइ...और पढ़ें

By Ramkrishna DongreEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 27 Oct 2025 07:06:37 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 Oct 2025 07:07:57 PM (IST)
Cyber Fraud: इंटरनेट से नंबर सर्च कर किया फोन, बंद स्ट्रीट लाइट की शिकायत करने में बुजुर्ग दंपती से 5.91 लाख की ठगी
CG Fraud: ऑनलाइन शिकायत के नाम पर साइबर ठगों ने बुजुर्गों से उड़ाए लाखों रुपये। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. बुजुर्ग दंपती बने साइबर ठगी के शिकार।
  2. स्ट्रीट लाइट बंद की शिकायत के नाम पर ठगी।
  3. 5,91,496 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई: रिसाली निवासी एक बुजुर्ग दंपती को स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत ऑनलाइन करने के प्रयास में बड़ी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा। इंटरनेट पर शिकायत का नंबर सर्च कर कॉल करना उनके लिए महंगा साबित हुआ। साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से 5 लाख 91 हजार 496 रुपये ठग लिए। शिकायत के बाद नेवई पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

ऐसे दिया घटना को अंजाम

नेवई पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोनोसीजा चटर्जी (आयु 61 वर्ष), निवासी प्लॉट नंबर 85, फेस-6, मैत्री नगर, रिसाली, ने बताया कि 22 अक्टूबर को उन्होंने मोबाइल फोन से स्ट्रीट लाइट बंद होने की ऑनलाइन शिकायत करने के लिए इंटरनेट पर संबंधित नंबर सर्च किया। खोजे गए नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा कि शिकायत दर्ज करने के लिए पांच रुपये का भुगतान करना होगा।


मोनोसीजा चटर्जी ने निर्देशानुसार भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन पेमेंट सफल नहीं हुआ। इसके बाद ठग ने उन्हें एक कोड नंबर (94252) भेजा और कहा कि उसे पेटीएम यूपीआई के माध्यम से दर्ज करें। कोड डालने के बाद उनके बैंक खाते से एक राशि कट गई, जिसका मैसेज भी उन्हें प्राप्त हुआ।

जब मोनोसीजा ने इस बारे में कॉल कर जानकारी दी कि पैसे कट गए हैं, तो ठग ने उन्हें आश्वासन दिया कि राशि रिफंड कर दी जाएगी। अगले दिन उनके खाते में ₹94,252 रुपये वापस आने की सूचना दी गई, जिससे दंपती को भरोसा हो गया कि मामला सही है।

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लेकिन अगले ही दो दिनों 22 से 24 अक्टूबर के बीच उनके बैंक खाते से कई बार ट्रांजेक्शन किए गए, जिनकी जानकारी दंपती को नहीं थी। इस अवधि में कुल ₹5,91,496 रुपये उनके खाते से निकाल लिए गए। जब बैंक खाते की जांच की गई, तब ठगी की पूरी जानकारी सामने आई।

मोनोसीजा चटर्जी ने तत्काल नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ कर दी है।