
नईदुनिया प्रतिनिधि, बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव के अनुसार, भोपालपटनम और फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगलों और पहाड़ियों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के DVCM दिलीप बेड़जा सहित अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सूचना प्राप्त हुई थी। इसी आधार पर डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने दो दिवसीय सघन सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया था। इस अभियान में सुरक्षा बलों के साहस और परिश्रम के परिणामस्वरूप 'नेशनल पार्क दलम' का पूरी तरह सफाया हो गया है।
माओवाद विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को दुर्गम पहाड़ी रास्तों में न केवल माओवादियों बल्कि आक्रामक वन्यजीवों की चुनौती का भी सामना करना पड़ा। सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगली जानवरों ने चार जवानों पर हमला कर दिया। बताया गया है कि हमलावर जानवरों में वन भैंसा और भालू शामिल थे, जो पहाड़ी रास्ते में सुरक्षा बलों के साथ आमने-सामने की स्थिति में आ गए थे।
एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि 17 जनवरी 2026 को अभियान के दौरान भालू के हमले से कोबरा 206 के प्रधान आरक्षक नीरज शर्मा घायल हो गए। इसी प्रकार, वनभैंसा के हमले में एसटीएफ के प्रधान आरक्षक कृष्णा नेताम (नंबर 475) गंभीर रूप से जख्मी हुए। इन जवानों को जंगल के बीच से त्वरित और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया (Evacuate) और बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया है।
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वन्यजीवों के हमले में घायल एक जवान को विशेष उपचार के लिए रायपुर भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक ने राहत की खबर देते हुए पुष्टि की है कि वर्तमान में घायल जवानों की स्थिति स्थिर बनी हुई है और वे अब खतरे से बाहर हैं। माओवादियों के विरुद्ध यह सर्च ऑपरेशन सुरक्षा बलों की सतर्कता और विषम परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता को दर्शाता है।