
नईदुनिया प्रतिनिधि, बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि थाना भोपालपटनम और फरसेगढ़ के जंगल-पहाड़ों में 'नेशनल पार्क एरिया कमेटी' के डीवीसीएम (DVCM) दिलीप बेड़जा और अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। इसके आधार पर डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
यह अभियान 17 जनवरी 2026 की सुबह से शुरू हुआ, जिसमें बीजापुर और दंतेवाड़ा की डीआरजी (DRG), एसटीएफ (STF) और कोबरा (CoBRA) की टीमों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच यह मुठभेड़ 18 जनवरी की शाम तक रुक-रुक कर चलती रही। 19 जनवरी को बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव और डीआईजी (केरिपु) बी.एस. नेगी सहित अन्य अधिकारियों ने इस निर्णायक ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी साझा की।
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने 6 माओवादियों के शव बरामद किए हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम दिलीप बेड़जा (DVCM) का है, जो नेशनल पार्क एरिया कमेटी का इंचार्ज था और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। दिलीप के विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में कुल 135 आपराधिक मामले दर्ज थे। शिनाख्त में अन्य पांच माओवादियों के नाम इस प्रकार हैं:
मारा गया खूंखार नक्सली दिलीप बेड़जा कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा था, जिनमें शामिल हैं:
मुठभेड़ स्थल की तलाशी लेने पर सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और युद्ध सामग्री मिली है । बरामद सामानों में 2 नग एके-47 (AK-47), 1 नग इंसास (INSAS) राइफल, 2 नग .303 राइफल, 1 नग कार्बाइन, और 1 नग बीजीएल (BGL) लॉन्चर शामिल हैं । इसके अलावा भारी मात्रा में कारतूस, बीजीएल सेल, वायरलेस सेट, स्कैनर, देशी हैंड ग्रेनेड, माओवादी वर्दी और साहित्य भी जब्त किया गया है ।
इस कठिन अभियान के दौरान जवानों को न केवल माओवादियों बल्कि वन्य जीवों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा। 17 जनवरी को जंगल में भालू के हमले से कोबरा 206 के प्रधान आरक्षक नीरज शर्मा और वनभैंसा के हमले में एसटीएफ के प्रधान आरक्षक कृष्णा नेताम घायल हो गए। दोनों घायल जवानों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है, जहाँ उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है।
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बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि माओवादी अब पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुके हैं । उन्होंने सुरक्षा बलों की सफलता को ऐतिहासिक बताते हुए डीकेएसजेडसी (DKSZC) सदस्य पाप्पा राव और अन्य बचे हुए कैडरों से हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील की है । उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल सख्त और निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
जिला पुलिस के अनुसार, जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 229 माओवादी मारे जा चुके हैं, 1126 को गिरफ्तार किया गया है और 876 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है।