
नईदुनिया न्यूज, पेंड्रा। घर के बाहर सहेली के साथ खेल रही एक 12 साल की बच्ची को नया खेल खिलाने के नाम पर घर के भीतर ले जाकर दुष्कर्म की कोशिश करने वाले आरोपी को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दरअसल पूरा मामला तीन मार्च 2025 को मरवाही थाना के एक गांव का है जहां 12 साल की बच्ची के माता-पिता लरकेनी गांव में बैंक से रुपये निकालने के लिए गए थे और उनके पड़ोस में रहने वाला आरोपित अशोक कुमार गंधर्व पिता पवन सिंह गंधर्व (21) के घर के लोग भी अंडी गांव में बुआ के यहां शादी में गए हुए थे। घर सूना पाकर आरोपित अशोक पीड़िता को नया खेल खिलाने के नाम पर बहला फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया और अश्लील हरकत करना शुरू कर दिया।
तभी पीड़िता के पापा, मां और दादी वहां पहुंचे तो आरोपित ने उनकी आवाज सुनकर पीड़िता को छोड़ दिया। डरी सहमी पीड़िता ने अपने मां-बाप को पूरी बात बताई तब उन्होंने मरवाही थाने में आरोपित अशोक गंधर्व के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कराया, जिस पर पुलिस ने आरोपी को छह मार्च को गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले में महज दस महीने में ही फैसला सुनाते हुए विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड ज्योति अग्रवाल ने आरोपित को दोष सिद्ध पाए हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 76 के तहत तीन साल के कठोर कारावास और ₹1000 का जुर्माना तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 7 एवं 8 के तहत पांच साल के कठोर कारावास और ₹1000 के जमाने की सजा सुनाई है।
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जुर्माना अदायगी में चूक होने पर एक-एक महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा, यह दोनों सजाएं एक साथ चलेगी। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने किया।