
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। दो दिन पहले तक ठंड का अहसास करा रहा मौसम अब बारिश और सर्द हवाओं के साथ बदला हुआ नजर आ रहा है। बुधवार सुबह से शहर में घने बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। शाम को मौसम विभाग ने बिलासपुर सहित कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की। चक्रवात अर्णब के प्रभाव से गुरुवार को भी मौसम बिगड़ने की आशंका है। प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्णब आंध्र प्रदेश के तटों को पार कर चुका है। इसके अगले 48 घंटे में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और कमजोर होने की संभावना है। विभाग ने 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मध्यम बारिश का अनुमान है। बिलासपुर के लिए बुधवार शाम जारी चेतावनी में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की सतही हवा चलने की संभावना जताई गई थी।
वहीं दूसरी जारी दूसरे संदेश में बलरामपुर, गरियाबंद, जशपुर, कोंडागांव, महासमुंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ मध्यम बारिश की आशंका बताई गई थी, लेकिन राहत की बात यह है कि इसका असर सामान्य रहा। नगर निगम, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, रेलवे और राहत-बचाव दल को अभी भी सतर्क है।
चक्रवाती मौसम में थोड़ी तैयारी बड़ी परेशानी से बचा सकती है। घर में मोबाइल और पावर बैंक पूरी तरह चार्ज रखें। पानी की टंकी पहले भर लें, ताकि आपूर्ति बाधित होने पर दिक्कत न हो। टार्च और आपातकालीन रोशनी की जांच कर लें। जरूरी दवाइयां, पीने का पानी और सूखा खाद्य पदार्थ तैयार रखें। छत पर रखे गमले, टीन और दूसरी हल्की वस्तुएं सुरक्षित जगह रख दें।
पीला अलर्ट संभावित खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने का संकेत है। नारंगी अलर्ट अधिक गंभीर मौसमी परिस्थितियों की आशंका में तैयारी बढ़ाने की चेतावनी देता है। दोनों का उद्देश्य समय रहते लोगों को सावधान करना है। बिलासपुर के लिए जारी संदेश में हल्की बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की संभावना बताई गई है। जिले का सटीक चेतावनी स्तर जानने के लिए मौसम विभाग का नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन देखें।
बुधवार को मौसम के बदले मिजाज ने शहर की दिनचर्या में अलग रंग भर दिया। सुबह घने बादलों के साथ शुरू हुआ दिन ठंडी हवाओं और रिमझिम बारिश के बीच गुजरा। कई लोगों ने सुहाने मौसम का आनंद लिया। चाय की दुकानों पर गर्म पेय की मांग बढ़ी, वहीं जरूरी काम से निकले लोगों को छाता और बरसाती का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, शाम को बारिश तेज होने के बाद सतर्कता जरूरी हो गई।
खराब मौसम की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। अभिभावक बच्चों को घर में सुरक्षित रखें और विद्यालय खुलने की जानकारी आधिकारिक सूचना से लें। बच्चों को जलभराव वाले रास्तों, उफनते नालों और बिजली के खंभों के पास जाने से रोकें। तेज हवा के दौरान पेड़ों और कमजोर दीवारों के नीचे खड़े न हों। मौसम को लेकर किसी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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तेज हवा और बारिश के दौरान टूटे बिजली तारों से दूर रहें। जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने का जोखिम न लें। रेलवे से यात्रा करने वाले यात्री रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांच लें। बिजली आपूर्ति बाधित होने, पेड़ गिरने या सड़क पर पानी भरने की स्थिति में संबंधित विभाग को सूचना दें। आपात स्थिति में प्रशासन की सहायता लें। मौसम सामान्य होने तक गैरजरूरी यात्रा टालना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।