
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। चक्रवात ‘मुरासु’ के कमजोर पड़ते ही अब बिलासपुर में ठंड बढ़ने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे बाद प्रदेश के न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान जताया है। बुधवार को बिलासपुर (Bilaspur Weather News) और पेंड्रारोड में चक्रवात का असर नहीं दिखा। मौसम सामान्य रहने से धनतेरस की खरीदारी के लिए भी अनुकूल माहौल बना रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पूर्वी तेलंगाना और उससे लगे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का अवशेष है। यह उत्तर की ओर बढ़ रहा है और अगले 12 घंटे में और कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद मौसम में बदलाव के साथ रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है।
बुधवार को बिलासपुर (Bilaspur Temperature) का अधिकतम तापमान 29.2 और न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 28.6 तथा न्यूनतम 17.4 डिग्री रहा। दोनों केंद्रों पर वर्षा दर्ज नहीं हुई। मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान के अनुसार चक्रवात का प्रभाव कमजोर पड़ चुका है।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड में धीरे-धीरे बढ़ोतरी महसूस होने लगेगी। इधर धनतेरस के साथ त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू हो गया है। सराफा बाजार सहित प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में रौनक है। मौसम साफ रहने से ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने और कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है।
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दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश, पखांजूर में आठ सेंटीमीटर
चक्रवात के अवशेष का प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश (Rain in Chhattisgarh) के रूप में दिखाई दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पखांजूर में सर्वाधिक आठ सेमी, सुकमा में सात और कोंटा में पांच सेमी बारिश दर्ज की गई।
माना-रायपुर एयरपोर्ट में चार सेमी, जबकि लोहांडीगुड़ा, रायपुर, गादीरास और पिथौरा में दो-दो सेमी बारिश हुई। पांच नवंबर को भी दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। बिलासपुर में मौसम सामान्य रहेगा।
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