
शिव सोनी, नईदुनिया, बिलासपुर। बच्चों की नादानी से बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। लोखंडी फाटक के पास से गुजर रही एक मालगाड़ी के इंजन की छत पर बच्चों ने ब्रिज से साइकिल का टायर फेंक दिया। टायर के इंजन पर गिरते ही स्पार्क हुआ और उसमें आग लग गई। स्पार्क के साथ कुछ ब्लास्ट होने जैसी आवाज आई, जिसे सुनकर चालक घबरा गया और उसने आनन-फानन में मालगाड़ी को रोक दी और नीचे उतरे।
उस समय जलता टायर इंजन के ऊपर था। उन्होंने तत्काल घटना की सूचना दी। जिसके बाद रेलवे व आरपीएफ में हड़कंप मच गया। अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस मामले में छह नाबालिग को पकड़ा गया है।
घटना मंगलवार को सुबह छह बजे के लगभग की है। उसलापुर व घुटकू स्टेशन के बीच लोखंडी फाटक है, जहां अब ब्रिज बन गया है। इस समय पर कटनी से बिलासपुर की ओर एक खाली मालगाड़ी गुजर रही थी। मालगाड़ी की गति धीमी थी। इसी बीच इंजन के ऊपर से ब्लास्ट होने जैसा जोर-जोर से आवाज आई। जिसे सुनकर चालक घबरा गया और उसे बिना देरी किए तत्काल मालगाड़ी को रोक दी।
मालगाड़ी रूकने के बाद जैसे ही लोको पायलट नीचे उतरा और इंजन के ऊपर नजर डाली तो देखा एक टायर पर जल रहा था। उसने तत्काल इसकी जानकारी कंट्रोल को दी। कंट्रोल से उसलापुर आरपीएफ पोस्ट को सूचना दी गई। इसके साथ बात आरपीएफ व रेलवे के उच्चाधिकारियों तक पहुंची। सभी सकते में आ गए। पूरा अमला तत्काल घटना स्थल पर पहुंचा। हालांकि उनके पहुंचने तक टायर में लगी आग बुझ चुकी थी।
मालगाड़ी ब्रिज के ठीक नीचे खड़ी थी, जिससे पूरा मामला स्पष्ट हो गया कि किसी ने ब्रिज के ऊपर से टायर फेंका है और ओएचई व पेंटो में टच होते ही टायर में आग लग गई। मामला गंभीर था। इसलिए तत्काल जांच कर बदमाशों को पकड़ने की योजना बनाई गई। हालांकि यह आसान नहीं था।
क्योंकि टायर फेंकने वाले को किसी ने नहीं देखा था। जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि लोखंडी गांव के ही छह बच्चों ने खेल-खेल में ऐसा किया है। सभी की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बताया गया कि यदि चालक दल की नजर इस घटना पर नहीं पड़ती, तो यह गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी।
इस मामले की जांच और शरारत करने वाले बच्चों की पहचान करना आसान नहीं था। पूछताछ में भी आसपास के लोगों ने अनभिज्ञता जाहिर की। ऐसी स्थिति में एनएच पर लगे कैमरों की मदद ली गई। यह ब्रिज एनएच पर ही है। जांच में सबसे पहले यह पता लगाया कि कैमरे की मानिटरिंग कहां पर होती है।
जिसमें मानिटरिंग कक्ष पाली में होने की बात सामने आई। इसके बाद आरपीएफ की एक टीम पाली पहुंची, वहां पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तब जाकर उन छह बच्चों की पहचान हुई, जिन्होंने यह शरारत की थी। बुधवार को सभी को आरपीएफ ने पकड़ लिया है।
घटना के कारण ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। बताया गया कि जिस समय घटना हुई, कुछ देर बाद वहां से अंबिकापुर एक्सप्रेस व अमरकंटक एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। आगे मालगाड़ी रूकी हुई थी। इसलिए इन दोनों को नियंत्रित किया गया। करीब आधे घंटे बाद मालगाड़ी आगे बढ़ी और लाइन क्लीयर हुआ, तब जाकर इन ट्रेनों ने भी गति पकड़ी।
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आरपीएफ ने शरारत करने वाले सभी छह बच्चों को पकड़ लिया है। सभी लोखंडी गांव के निवासी हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे खाली वैगन में टायर का टुकड़ा फेंकना चाहते थे, लेकिन गलती से लोको (इंजन) पर जा गिरा। शार्ट सर्किट के कारण टायर के टुकड़े में आग लग गई।
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